10 रुपये वाला बिस्कुट का पैकेट कितने का है जी

मेरठ के शादाब जकाती आज सोशल मीडिया पर हर किसी की जुबान पर हैं। उनका मशहूर डायलॉग – “10 रुपये वाला बिस्कुट का पैकेट कितने का है जी” – इतनी तेजी से वायरल हुआ कि आम दर्शकों से लेकर बड़े सेलिब्रिटीज और क्रिकेटर्स तक इस पर वीडियो बनाने लगे। इंटरनेट की ताकत ने उन्हें देखते-देखते रातों-रात सुपरस्टार बना दिया।

असल में शादाब की लोकप्रियता का राज उनके डायलॉग से ज्यादा उनकी ठेठ भाषा और अनोखा अंदाज़ है। उनकी सादगी, मज़ाकिया लहजा और देसी अंदाज़ ने दर्शकों का दिल जीत लिया। यही कारण है कि उनका वीडियो सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक नया सोशल मीडिया ट्रेंड बन गया। चलिए जानते है मेरठ के शादाब जकाती के बारे में

वायरल हो गए मेरठ के शादाब जकाती

मेरठ के इंचौली गांव के रहने वाले शादाब जकाती इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ही डायलॉग से छा गए हैं – “10 रुपये वाला बिस्कुट का पैकेट कितने का है जी?”। टेढ़ी-मेढ़ी चाल, डरने की एक्टिंग और अनोखी कॉमिक टाइमिंग ने उन्हें रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बना दिया। इस ट्रेंड पर सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि सिंगर बादशाह और क्रिकेटर रिंकू सिंह जैसे सेलिब्रिटीज ने भी रील बनाकर उनकी पॉपुलैरिटी को और बढ़ा दिया।

लेकिन इस शोहरत के पीछे शादाब की जिंदगी की एक लंबी जद्दोजहद छिपी है। वे कभी सऊदी अरब में ड्राइवर की नौकरी करते थे, लेकिन कंटेंट बनाने का जुनून छोड़ नहीं पाए। परिवार और लोगों के तानों के बावजूद उन्होंने रील बनाना जारी रखा। स्लिप डिस्क की बीमारी के चलते उनकी चाल अनोखी हो गई, जो आज उनकी पहचान बन चुकी है। आर्थिक परेशानियों से जूझने के बाद आखिरकार उनका एक वीडियो वायरल हुआ और देखते ही देखते शादाब हर किसी की जुबान पर छा गए।

बादशाह ने दिलाया बड़ा प्लेटफॉर्म

शादाब का मानना है कि उनकी लोकप्रियता के पीछे सबसे बड़ी भूमिका सिंगर बादशाह की है। बादशाह ने उनके मशहूर डायलॉग पर रील बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर की, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद न सिर्फ आम लोग, बल्कि कई बड़े सेलिब्रिटीज भी इस ट्रेंड को फॉलो करने लगे। शादाब कहते हैं, “मैं दिल से बादशाह भाई का शुक्रिया अदा करता हूं, उन्होंने ही मुझे असली शोहरत दिलाई।”

कैसे वायरल हुआ वीडियो?

मेरठ के इंचौली गांव के शादाब जकाती ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में अपनी जर्नी साझा करते हुए भावुक होकर कहा कि उन्होंने सबसे पहले ड्राइवर की नौकरी करने के लिए सऊदी अरब का रुख किया था और वहीं से वीडियो बनाना शुरू किया। शादाब का कहना है कि उन्हें कभी किसी का सपोर्ट नहीं मिला, यहां तक कि परिवार से भी साथ नहीं मिला। लोग उनका मजाक उड़ाते थे, तरह-तरह की बातें करते थे, यहां तक कि आसपास रहने वाले भी ताने मारते थे। अपनी जिंदगी के उतार-चढ़ाव बताते-बताते शादाब भावुक हो गए।

वायरल वीडियो में शादाब जकाती एक किराना दुकान पर पहुंचकर मासूमियत से पूछते हैं – “10 रुपये वाला बिस्किट का पैकेट कितने का दिया जी?”। इस पर दुकानदार झुंझलाकर जवाब देता है, “अरे 10 रुपये का बिस्कुट 10 रुपये का ही होगा।” शादाब हंसते हुए कहते हैं, “पूछना तो पड़ेगा ना।” दुकानदार भले ही नाराज नज़र आता है, लेकिन शादाब की टेढ़ी-मेढ़ी चाल, मजेदार एक्सप्रेशन और अनोखी डायलॉग डिलीवरी दर्शकों को खूब भा गई। यही अंदाज़ उनकी पहचान बन गया और देखते-ही-देखते वे इंटरनेट स्टार बन गए।

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लेखक
Parag Agarwal
मैं एक फुल-टाइम प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर और उद्यमी हूँ। पिछले 8+ वर्षों से ब्लॉगिंग और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में सक्रिय हूँ। इस दौरान मैंने हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में 10,000+ लेख लिखे हैं और साथ ही 10 से अधिक पेजेज़ को विभिन्न विषयों पर मैनेज किया है। मेरी यात्रा का एक अहम हिस्सा क्रिकेट इंडस्ट्री रहा है, जहाँ मैंने अपने स्वयं के वेबसाइट पर 5,000+ लेख लिखे और इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्तमान में, मैं अपने समर्पित न्यूज़ और सूचना प्लेटफ़ॉर्म्स पर मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन (भारत की सबसे तेज़ रैपिड रेल प्रणाली) से जुड़ी ख़बरें और लेख लिख रहा हूँ। मेरी ब्लॉगिंग जर्नी एक सपने की तरह शुरू हुई थी — ज्ञान साझा करने और लोगों को जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से। मैंने शुरुआत में कई गलतियाँ कीं, लेकिन धीरे-धीरे सीखा और अपने लक्ष्य तक पहुँचा। मेरा हमेशा यह मानना है कि — “You never lose, either you win or you learn.” 📩 संपर्क करें: agarwalparag89@gmail.com

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