मेरठ में ड्रोन देखे जाने से लोगों में दहशत फैल गई क्योंकि अफवाहें उड़ रही हैं की इनका उपयोग रेकी के लिए किया जा रहा है। एक के बाद एक खबर फ़ैल रही है, कही पर लूट की खबर, कही पर पर हत्या की खबर, लेकिन आपको बता दें की ये सभी खबर झूटी है और ये केवल अफवाहें मात्र हैं। कुछ लोगो ने पुलिस को रिपोर्ट किया, जिसके बाद पुलिस ने जांच की और कुछ और ही पता चला, जिसके बाद अब लोग राहत की सांस ले रह हैं।
मेरठ में अगर दिखे उड़ता हुआ ड्रोन तो डरे नहीं, जाने हकीकत
मेरठ के आस पास या फिर हम ये भी कह सकते हैं की वेस्ट उत्तर प्रदेश में शाम को अंधेरे में उड़ते ड्रोन के वीडियो डर के साथ हर तरफ प्रसारित हो रहे हैं, जोकि सोशल मीडिया पर वायरल हैं। लोग इस बात से डरे हुए हैं कि ऐसे ड्रोन के माध्यम से रेकी की जा रही है। चिंतित ग्रामीणों ने पुलिस को भी सूचित किया हुआ हैं। आप सभी लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि ऐसे ड्रोन के बारे में अब न डरें। ये ड्रोन किसी तरह की रेकी नहीं कर रहे हैं, बल्कि ये हिंडन नदी का सर्वे कर रहे हैं। यह सर्वे भारत सरकार के भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लिंक के माध्यम से आपने परिवार वालो को शेयर करें और अफवाहों से बचें।
कई दिनों से अलग-अलग गांवों, नगरों में ड्रोन उड़ने के बहुत से वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, सोशल मीडिया में वायरल है और अब न्यूज़ में भी ये बहुत सुना जा रहा हैं। अंधेरे में उड़ते ड्रोन से दहशत फैलने लगी है और लोग अलग-अलग आशंकाओं से चिंता करने लगे हैं। शुरुआत में चिंतित ग्रामीणों ने कई बार पुलिस को भी सूचित किया, लेकिन ड्रोन कहां से आया और किसने उड़ाया यह पुलिस को पता नहीं चल सका।
पुलिस खोजबीन में भी यही लग रहा था की इधर उधर हर तरफ एक अफवाह तेजी से उड़ती जा रही थी कि यह डकैती, चोरी आदि अपराधों के लिए रेकी की जा रही है। हर तरफ इसकी चर्चा थी, लेकिन ऐसा नहीं था। ऐसी अफवाहों के बीच भारतीय सर्वेक्षण विभाग के उत्तर प्रदेश भू-स्थानिक निदेशालय के निदेशक डीएन पाठक का पत्र सार्वजनिक हुआ है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश की सभी नदियों की डिजिटल एलीवेशन मैपिंग का सर्वे किया जाना है। इसी के अंतर्गत मेरठ, मुजफ्फरनगर व सहारनपुर में हिंडन नदी का ड्रोन सर्वे किया जा रहा है।