ग़ाज़ियाबाद नमो भारत स्टेशन पर रूफटॉप रेस्टोरेंट, खाद्य केंद्र, हाइपर मार्केट, शोरूम एवं कैफ़े जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, एनसीआरटीसी द्वारा निविदा जारी

नमो भारत नेटवर्क के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों पर यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधाजनक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) निरंतर नई पहल कर रहा है। इसी क्रम में एनसीआरटीसी ने दिल्ली–गाज़ियाबाद–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के गाज़ियाबाद नमो भारत स्टेशन पर वाणिज्यिक विकास (कमर्शियल डेवलपमेंट) को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

एनसीआरटीसी द्वारा स्टेशन परिसर में स्थित प्रॉपर्टी डेवलपमेंट एरिया (पीडी एरिया) के लाइसेंसिंग हेतु निविदा आमंत्रित की गई है, जिसके अंतर्गत आधुनिक व्यावसायिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को भी एक ही स्थान पर विविध सेवाएँ उपलब्ध कराना है।

स्टेशन परिसर में विकसित होंगी आधुनिक व्यावसायिक सुविधाएँ

इस निविदा के अंतर्गत गाज़ियाबाद नमो भारत स्टेशन के प्रॉपर्टी डेवलपमेंट क्षेत्र में रूफटॉप भोजनालय, फूड आउटलेट्स, कैफे, फाइन डाइनिंग रेस्टोरेंट, होटल, शोरूम एवं अन्य आधुनिक व्यावसायिक संरचनाओं का विकास किया जाएगा। यह स्टेशन परिसर को केवल एक परिवहन केंद्र ही नहीं, बल्कि एक समग्र जीवनशैली एवं वाणिज्यिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इन सुविधाओं के माध्यम से यात्रियों को यात्रा के दौरान ही खान-पान, खरीदारी, स्वास्थ्य सेवाएँ एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ सहज रूप से उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उनका समय बचेगा और यात्रा अनुभव अधिक आरामदायक बनेगा।

18,778 वर्गमीटर क्षेत्र को लाइसेंस पर देने की योजना

एनसीआरटीसी द्वारा जारी टेंडर प्रक्रिया के तहत गाज़ियाबाद स्टेशन के लगभग 18,778 वर्गमीटर प्रॉपर्टी डेवलपमेंट क्षेत्र को व्यावसायिक उपयोग हेतु एक निश्चित लाइसेंस शुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस क्षेत्र का उपयोग स्टेशन परिसर के भीतर शॉपिंग, डाइनिंग और विभिन्न सेवा-आधारित गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा। इस पहल से स्टेशन न केवल यात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी एक आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरेगा।

25 वर्षों की लाइसेंस अवधि, 4 फरवरी 2026 अंतिम तिथि

एनसीआरटीसी का लक्ष्य इस परियोजना के माध्यम से स्टेशन परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ नॉन-फेयर रेवेन्यू (गैर-किराया आय) को भी सुदृढ़ करना है। इन कमर्शियल स्पेस के लिए लाइसेंस अवधि 25 वर्ष निर्धारित की गई है।

इच्छुक आवेदक ई-टेंडर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जिसकी अंतिम तिथि 4 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। निविदा से संबंधित स्कोप, पात्रता शर्तें एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी एनसीआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट www.ncrtc.in पर उपलब्ध है।

स्टेशन के प्रमुख हिस्सों में उपलब्ध होंगे कमर्शियल स्पेस

निविदा के अंतर्गत उपलब्ध कराए जाने वाले कमर्शियल स्पेस स्टेशन के विभिन्न महत्वपूर्ण भागों में स्थित होंगे, जिनमें—

  • ग्राउंड फ्लोर पर लगभग 4,229 वर्गमीटर का पीडी क्षेत्र
  • अपर लेवल 1 एवं 2 पर लगभग 11,914 वर्गमीटर का पीडी क्षेत्र
  • कोर-ए फ्लोर्स (अपर पीडी लेवल, लोअर पीडी लेवल एवं कॉनकोर्स टैरेस) पर लगभग 2,435 वर्गमीटर का पीडी क्षेत्र

शामिल है। यह बहु-स्तरीय संरचना व्यावसायिक गतिविधियों को व्यापक स्वरूप प्रदान करेगी।

स्थानीय व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

एनसीआरटीसी इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय विक्रेताओं, खुदरा व्यापारियों एवं सेवा प्रदाताओं की सहभागिता को भी प्रोत्साहित करना चाहता है। इसका उद्देश्य स्टेशन परिसरों को लोगों के अनुकूल, जीवंत एवं आधुनिक व्यावसायिक केंद्रों के रूप में विकसित करना है। इस पहल से न केवल यात्रियों और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी, बल्कि रोज़गार के नए अवसरों का सृजन होगा और गैर-किराया संसाधनों के माध्यम से राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

एक ही परिसर में मिलेंगी विविध सेवाएँ

यात्रियों एवं स्थानीय निवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन व्यावसायिक स्थानों का उपयोग दुकानों, कियोस्क और सेवा प्रतिष्ठानों के रूप में किया जा सकेगा। इनमें—

  • रूफटॉप एवं फाइन डाइनिंग रेस्टोरेंट
  • कैफे और फूड आउटलेट्स
  • होटल एवं बैंक्वेट हॉल
  • फार्मेसी, मेडिकल एवं वेलनेस सुविधाएँ
  • क्षेत्रीय एवं स्थानीय उत्पादों की दुकानें

जैसी सुविधाओं का विकास संभव होगा। इससे लोगों को भोजन, खरीदारी, स्वास्थ्य सेवाएँ एवं ठहराव जैसी अनेक सुविधाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

रणनीतिक लोकेशन से बढ़ी व्यावसायिक संभावनाएँ

गाज़ियाबाद नमो भारत स्टेशन शहर के सघन आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है। इसके समीप गाज़ियाबाद का प्रमुख बस टर्मिनल भी मौजूद है, जिसके कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों एवं आम लोगों की आवाजाही होती है। यह स्थिति स्टेशन की व्यावसायिक संभावनाओं को कई गुना बढ़ा देती है।

स्टेशन के आसपास पटेल नगर, राज नगर, आर्य नगर, कवि नगर जैसे विकसित एवं पॉश आवासीय क्षेत्र, प्रमुख बाज़ार, शैक्षणिक संस्थान एवं अनेक व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थित हैं। इसके अतिरिक्त यह स्टेशन दिल्ली मेट्रो एवं अन्य परिवहन साधनों से भी जुड़ा हुआ है, जिससे मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होती है।

ट्रांजिट हब से आगे, एक उभरता हुआ लाइफस्टाइल केंद्र

यात्रियों की बढ़ती संख्या, बेहतर कनेक्टिविटी और सशक्त आर्थिक संभावनाओं के कारण गाज़ियाबाद नमो भारत स्टेशन अब केवल एक ट्रांजिट प्वाइंट नहीं रह गया है, बल्कि यह एक उभरता हुआ लाइफस्टाइल एवं कमर्शियल हब बनता जा रहा है। एनसीआरटीसी की यह पहल दीर्घकालिक और व्यापक व्यावसायिक अवसर प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी और नमो भारत परियोजना की उपयोगिता और आकर्षण दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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लेखक
Meerut Metro Guy
UPMRC और NCRTC जल्द ही मेरठ मेट्रो शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इस परियोजना की शुरुआत 2016 में हुई थी। वेबसाइट (www.meerutmetro.in) और इसके सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म निजी तौर पर बनाए गए हैं और इनका किसी भी सरकारी प्राधिकरण या संगठन से कोई आधिकारिक संबंध या संबद्धता नहीं है, न ही यह किसी भी तरह से उनमें से किसी के द्वारा समर्थित है। हम, meerutmetro.in वेबसाइट के संस्थापक, मेरठ मेट्रो और दिल्ली मेरठ RRTS परियोजना के बारे में सबसे अच्छी सामग्री प्रदान करने के लिए यहाँ हैं। हमारी जानकारी के अनुसार, वेबसाइट/सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर दी गई सभी जानकारी सही है।

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