मेरठ और नोएडा में पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया जल्द ही और आसान होने वाली है। इन दोनों शहरों में स्थित डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीओपीएसके) का विस्तार किया जा रहा है, जिससे आवेदकों को अब गाजियाबाद स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस फैसले से न सिर्फ आवेदकों का समय बचेगा, बल्कि पासपोर्ट सेवा प्रणाली पर दबाव भी कम होगा।
आवेदन क्षमता होगी दोगुनी से तीन गुना तक
गाजियाबाद के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरूप (आईएफएस) ने जानकारी दी कि फिलहाल मेरठ और नोएडा के पीओपीएसके में एक-एक काउंटर होने के कारण प्रतिदिन केवल 40 से 50 आवेदन ही स्वीकार किए जा पाते हैं। अब इन केंद्रों में काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे आवेदन क्षमता पहले दोगुनी और आगे चलकर तीन गुना तक बढ़ सकती है। इसके बाद इन जिलों के आवेदकों को गाजियाबाद नहीं जाना पड़ेगा।
गाजियाबाद पीएसके पर लोड होगा कम
मेरठ और नोएडा में आवेदन क्षमता बढ़ने से गाजियाबाद पासपोर्ट सेवा केंद्र पर दबाव कम होगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि वहां आवेदन करने वालों को जल्दी अपॉइंटमेंट मिल सकेगा और लंबित मामलों में भी तेजी आएगी।
एक साल में 3.55 लाख से अधिक पासपोर्ट जारी
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने बताया कि बीते एक वर्ष में गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से 3,55,094 पासपोर्ट जारी किए गए। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 31,808 अधिक है।
इसके अलावा, इसी अवधि में 11,308 पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) भी जारी किए गए।
13 जिलों के पासपोर्ट बनते हैं गाजियाबाद आरपीओ से
गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अंतर्गत कुल 13 जिलों के पासपोर्ट जारी किए जाते हैं। इनमें से 9 जिलों में डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र पहले से कार्यरत हैं। सबसे अधिक आवेदन गाजियाबाद के बाद गौतमबुद्धनगर और मेरठ से आते हैं, इसी कारण इन दोनों स्थानों पर विस्तार का निर्णय लिया गया है।
33 शनिवार खोला गया कार्यालय, बढ़ी गति
पिछले वर्ष अधिक संख्या में पासपोर्ट जारी होने का एक बड़ा कारण यह भी रहा कि पूरे साल में 33 शनिवार को कार्यालय खोला गया। इसके साथ ही डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर पासपोर्ट मेलों का आयोजन किया गया और “पासपोर्ट आपके द्वार” योजना के तहत मोबाइल वैन सेवा भी चलाई गई।
ई-पासपोर्ट सेवा की शुरुआत
सेवा प्रोग्राम वर्जन 2.0 के तहत अब गाजियाबाद पासपोर्ट कार्यालय से ई-पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं। इन पासपोर्ट में लगी विशेष चिप में आवेदक की पूरी जानकारी और बायोमैट्रिक विवरण सुरक्षित रहता है, जिससे इमीग्रेशन प्रक्रिया के दौरान जांच में कम समय लगता है। पिछले कई महीनों से सभी आवेदकों को ई-पासपोर्ट ही जारी किए जा रहे हैं।
वर्ष भर में किए गए प्रमुख कार्य
- साल में कई बार पासपोर्ट अदालतों का आयोजन
- पूरे वर्ष पासपोर्ट मेलों का संचालन
- पासपोर्ट आपके द्वार योजना के तहत मोबाइल वैन की शुरुआत
- 33 शनिवार अतिरिक्त कार्यदिवस के रूप में कार्यालय खुला
- लंबित आवेदनों के निस्तारण के लिए वॉक-इन सेवा लागू
इन 13 जिलों के बनते हैं पासपोर्ट
आगरा, अलीगढ़, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हाथरस, मथुरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, शामली और सहारनपुर।
पिछले तीन वर्षों में जारी पासपोर्ट की संख्या
- 2023 – 3,19,676
- 2024 – 3,23,286
- 2025 – 3,55,094