श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

श्रावण मास कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और जिला प्रशासन ने डीजे संचालकों, कांवड़ यात्रियों तथा वाहन चालकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य किसी पर प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यात्रा को व्यवस्थित बनाए रखना है।

बागपत के बड़ौत की सीओ अंशु जैन ने कांवड़ यात्रियों, डीजे संचालकों और वाहन चालकों से प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी के सहयोग से ही कांवड़ यात्रा को सफल एवं सुरक्षित बनाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य “जीरो एक्सीडेंट, जीरो इंसिडेंट” के साथ कांवड़ यात्रा को संपन्न कराना है।

कांवड़ यात्रा डीजे के लिए जारी किए गए मुख्य दिशा-निर्देश

1. डीजे की ऊंचाई और चौड़ाई तय

यात्रा के दौरान उपयोग किए जाने वाले डीजे सिस्टम की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट और अधिकतम चौड़ाई 12 फीट निर्धारित की गई है। निर्धारित सीमा से अधिक आकार वाले डीजे की अनुमति नहीं होगी।

2. ध्वनि सीमा का पालन अनिवार्य

डीजे और साउंड सिस्टम की आवाज निर्धारित सीमा के भीतर रखनी होगी। प्रशासन ने अधिकतम 75 डेसीबल तक ही ध्वनि रखने के निर्देश दिए हैं ताकि ध्वनि प्रदूषण और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।

3. अश्लील और भड़काऊ गानों पर पूरी तरह रोक

कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के अश्लील, आपत्तिजनक, भड़काऊ या धार्मिक एवं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले गाने या ऑडियो सामग्री बजाने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।

कांवड़ यात्रियों के लिए भी जारी हुए महत्वपूर्ण नियम

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कांवड़ यात्री यात्रा के दौरान हॉकी, बेसबॉल बैट, लाठी-डंडा, तलवार या किसी भी प्रकार का हथियार साथ लेकर नहीं चलेगा। इसके अलावा सभी श्रद्धालुओं से यातायात नियमों का पालन करने, पुलिस एवं प्रशासन के निर्देशों का सम्मान करने तथा अनुशासन और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की अपील की गई है।

मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न पर प्रतिबंध

दोपहिया वाहनों पर मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न तथा अत्यधिक शोर उत्पन्न करने वाले उपकरणों का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी।

आपात स्थिति में तुरंत करें सूचना

किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर डायल-112 सहित अन्य हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है। महिलाओं, बच्चों और साइबर अपराध से संबंधित मामलों के लिए भी उपलब्ध हेल्पलाइन का सहारा लेने की अपील की गई है।

मेरठ पुलिस का संदेश: सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता

मेरठ पुलिस का कहना है कि इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित करना नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं के लिए इसे अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाना है। पुलिस ने सभी डीजे संचालकों और श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। यदि सभी लोग निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे तो कांवड़ यात्रा 2026 सुरक्षित, सुचारु और सफल तरीके से संपन्न कराई जा सकेगी।

Photo of author
लेखक
Meerut Metro Guy
UPMRC और NCRTC जल्द ही मेरठ मेट्रो शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इस परियोजना की शुरुआत 2016 में हुई थी। वेबसाइट (www.meerutmetro.in) और इसके सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म निजी तौर पर बनाए गए हैं और इनका किसी भी सरकारी प्राधिकरण या संगठन से कोई आधिकारिक संबंध या संबद्धता नहीं है, न ही यह किसी भी तरह से उनमें से किसी के द्वारा समर्थित है। हम, meerutmetro.in वेबसाइट के संस्थापक, मेरठ मेट्रो और दिल्ली मेरठ RRTS परियोजना के बारे में सबसे अच्छी सामग्री प्रदान करने के लिए यहाँ हैं। हमारी जानकारी के अनुसार, वेबसाइट/सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर दी गई सभी जानकारी सही है।

Leave a Reply