लगातार दूसरे दिन भी मेरठ में प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है। दिन-रात हवा में धूल और धुएं का गुबार फैला हुआ है, जिससे सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। उत्तर प्रदेश में मेरठ दूसरा और देश में चौथा सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया है।
तमिलनाडु का तूतुकुड़ी शहर AQI 486 के साथ देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा, जबकि मेरठ का AQI 382 दर्ज किया गया। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक राहत के कोई आसार नहीं हैं, क्योंकि हवा की गति धीमी है, तापमान गिर रहा है और बारिश नहीं हो रही। तीनों केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता “अत्यधिक खराब” (Severe) श्रेणी में है। पल्लवपुरम में सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज हुआ, जहां रियल टाइम AQI 382 रहा।
| केंद्र | पीएम-2.5 | पीएम-10 | एक्यूआई |
|---|---|---|---|
| जयभीम नगर | 500 | 500 | 368 |
| गंगा नगर | 395 | 500 | 382 |
| पल्लवपुरम | 500 | 500 | 356 |
मेरठ को क्यों नहीं मिल रही राहत? – Meerut Pollution Update
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण घटाने के लिए हवा की रफ्तार, उच्च तापमान या बारिश तीनों में से किसी एक की जरूरत होती है।
लेकिन फिलहाल तीनों ही कारक मेरठ के साथ नहीं हैं —
- कई हफ्तों से बारिश नहीं हुई
- हवा की गति बेहद कम है
- रात में तापमान गिर रहा है
⚠️ सेहत पर बढ़ता खतरा
रात 12 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक मेरठ की हवा सबसे जहरीली रहती है। डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसे में सुबह-शाम की सैर से बचें, क्योंकि हवा में मौजूद प्रदूषक हृदय रोग और सांस के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक हैं।
🩺 क्या करें — क्या न करें (Expert Tips):
✔️ करें:
- घर से निकलते समय मास्क पहनें
- गर्म पानी, हल्दी वाला दूध, अदरक-लहसुन का सेवन करें
- संतुलित आहार लें और प्राणायाम करें
- बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर रखें
- इनहेलर या दवाएं साथ रखें (यदि जरूरत हो)
❌ न करें:
- सुबह खाली पेट बाहर न निकलें
- सुबह-शाम घूमने या व्यायाम करने से बचें
- धूल या धुएं वाली जगहों पर अधिक देर तक न रुकें
मेरठ की हवा लगातार बिगड़ती जा रही है और अगले तीन दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है। ऐसे में सतर्क रहना ही सबसे बेहतर उपाय है। प्रदूषण से बचाव ही फिलहाल “इलाज” है।