मेरठ में सर्दी बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण का खतरा भी लगातार गहराता जा रहा है। गुरुवार का दिन दिसंबर का सबसे प्रदूषित दिन साबित हुआ। हवा की गति थमते ही शहर की हवा जहरीली हो गई और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। मौजूदा हालात बता रहे हैं कि आने वाले दिनों में प्रदूषण और बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
🔴 मेरठ का AQI 342—देश में दूसरा सबसे प्रदूषित शहर
गुरुवार को मेरठ में औसत AQI 342 दर्ज किया गया, जो इसे देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बनाता है। सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में मेरठ से आगे केवल गाजियाबाद (AQI 343) रहा। यह स्थिति बताती है कि NCR और वेस्ट यूपी में वायु गुणवत्ता तेजी से बिगड़ रही है।
रात में प्रदूषण चरम पर
- पल्लवपुरम में रात 9 बजे AQI 372 तक जा पहुंचा।
- PM 2.5 का स्तर 434 और
- PM 10 का स्तर 415–500 के बीच दर्ज किया गया।
यह स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत जोखिमपूर्ण है।
अन्य इलाकों में भी हालात खराब
- जयभीम नगर : AQI 360
- गंगा नगर : AQI 344
इन सभी स्थानों पर प्रदूषण स्तर ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में रहा।
📌 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची (गुरुवार | 11 दिसंबर)
| शहर | AQI |
|---|---|
| गाजियाबाद | 343 |
| मेरठ | 342 |
| मुजफ्फरनगर | 338 |
| बल्लभगढ़ | 332 |
| पंचगांव | 325 |
स्पष्ट है कि वेस्ट यूपी और दिल्ली-एनसीआर का पूरा क्षेत्र गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है।
🌫️ क्यों बढ़ रहा है प्रदूषण?
विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण हैं:
- रात के तापमान में गिरावट
- हवा की गति का शांत होना
- ऊपरी वायुमंडल में ठहराव
- सड़कों पर धूल, वाहनों का धुआं और औद्योगिक गतिविधियाँ
जैसे ही हवा की गति कम होती है, प्रदूषक तत्व जमीन के पास जमा होने लगते हैं और AQI तेजी से बढ़ने लगता है।
🌧️ 20 दिसंबर के बाद बदल सकता है मौसम
स्काइमेट वेदर के मुताबिक, 20 दिसंबर के बाद वेस्ट यूपी में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम पूर्वानुमान:
- तीसरे हफ्ते में बारिश और ठंडी हवाएं शुरू होने की संभावना
- घना कोहरा भी लौट सकता है
- अगले 2–3 दिनों में बादल दिखाई देंगे, लेकिन बारिश नहीं होगी
अगर बारिश होती है, तो वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है, क्योंकि बारिश प्रदूषक कणों को जमीन पर बैठा देती है।
🩺 स्वास्थ्य पर प्रभाव और सावधानियाँ
बढ़ता प्रदूषण खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा/हृदय रोगियों के लिए अधिक खतरनाक है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें:
- N95 मास्क का उपयोग करें
- सुबह-सुबह बाहर न निकलें
- घर में एयर प्यूरिफायर का उपयोग करें
- जरूरत के बिना वाहन का उपयोग न करें
- पानी ज्यादा पिएं और भाप लें
निष्कर्ष
मेरठ फिलहाल प्रदूषण के गंभीर दौर से गुजर रहा है। अगर मौसम में बदलाव जल्दी नहीं आया, तो हवा और ज्यादा खराब हो सकती है। प्रशासन और नागरिक दोनों को मिलकर प्रदूषण नियंत्रण के उपाय अपनाने होंगे, तभी हालात सुधरने की उम्मीद है।