मेरठ में परतापुर इंटरचेंज से दिल्ली और मवाना चौपले तक पहुँचने में लगभग बराबर समय लगता है। परतापुर इंटरचेंज से निजामुद्दीन ब्रिज (दिल्ली) की दूरी 60 किमी है, जबकि दिल्ली रोड होते हुए मवाना चौपले की दूरी मात्र 15 किमी है। इसके बावजूद चारपहिया वाहन से दोनों ओर पहुँचने में लगभग 45 से 50 मिनट लग जाते हैं। यानी जितने समय में आप परतापुर से दिल्ली पहुँचते हैं, उतने ही समय में मवाना चौपले पहुँचना पड़ता है, जो यातायात व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करता है।
दैनिक जागरण टीम ने गुरुवार को परतापुर इंटरचेंज से दिल्ली रोड होते हुए मवाना चौपले तक यातायात व्यवस्था की पड़ताल की। सड़क पर सबसे बड़ा अवरोध अतिक्रमण है, जो वाहनों की रफ्तार को लगातार बाधित करता है। इसके अलावा यातायात पुलिस की ड्यूटी का कुप्रबंधन, टूटी सड़कें, सड़क किनारे नाले की खुदाई तथा किनारे लगे बिजली के ट्रांसफार्मर और विद्युत पोल भी जाम की समस्या को और बढ़ाते हैं।
अधिकारियों को शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए अब नमो भारत ट्रेन से उम्मीद है, लेकिन सिर्फ इस ट्रेन पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। यदि पुलिस और प्रशासन समन्वय बनाकर यातायात प्रबंधन को सख्ती से लागू करें, तो दिल्ली रोड की स्थिति में काफी सुधार आ सकता है। साथ ही भैंसाली बस अड्डे को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की योजना भी यातायात दबाव कम करने में मददगार साबित हो सकती है।
मेरठ को दिल्ली से कनेक्ट करने वाली रोड पर भयंकर जाम की 7 समस्याएं, जागरण टीम ने खोज लिए सभी के समाधान
पहली समस्या- मवाना चौपले से बाउंड्री रोड पर चलते ही पिंकी छोटे भटूरे वाले के सामने जाम लगा रहता है, जबकि लालकुर्ती पुलिस पिकेट भी वहीं है, यहां पर लालकुर्ती पुलिस का जाम से निजात में योगदान शून्य नजर आता है। हर समय वहां पर जाम लगा रहता है।
दैनिक जागरण के अनुसार समस्या का समाधान- टूटी हुई सड़क की तत्काल मरम्मत की जाए और पुलिस को अपनी ड्यूटी में पूरी मुस्तैदी दिखानी चाहिए। स्थायी रूप से समस्या दूर करने के लिए मवाना चौपले से बाउंड्री रोड और बेगमपुल तक सड़क किनारे मौजूद अतिक्रमण हटाया जाए, खासकर लालकुर्ती पुलिस पिकेट के सामने और ठेले-रेहड़ी आदि के अनधिकृत कब्जों को भी व्यवस्थित तरीके से हटाकर रास्ता पूरी तरह सुचारू किया जाए।
दूसरी समस्या- बेगमपुल से लेकर भैंसाली बस स्टैंड को पार करने में 15 मिनट का समय लगना आम बात हो गई है। सोतीगंज में नाले की खोदाई करके मिट्टी सड़क पर डाल दी गई है। दुकानों का सामान बाहर रखा हुआ है। भैंसाली बस स्टैंड के दोनों तरफ तीन-तीन फीट सड़क पर अतिक्रमण होने और बसों के सड़क पर यात्री बैठाने से जाम लगता है। साथ ही सड़क पर मजार भी बना हुआ है, जो वाहनों को रोकता है।
दैनिक जागरण के अनुसार समस्या का समाधान- बेगमपुल पर यातायात और सदर बाजार क्षेत्र में पुलिस का बेहतर मैनेजमेंट लागू किया जाए, सोतीगंज बाजार में नगर निगम द्वारा नाले का निर्माण जल्द पूरा किया जाए, और भैंसाली बस स्टैंड पर दोनों तरफ सड़क के तीन-तीन फीट हिस्से पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाए। सड़क की दोनों ओर पटरी बनाई जाए तथा सदर बाजार पुलिस मुस्तैदी से ड्यूटी करे ताकि बसें सड़क पर न खड़ी हों। भैंसाली अड्डे और जली कोठी के बीच स्थित मजार को भी सड़क की सीमा से हटाया जाए। साथ ही, यातायात जाम का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए रोडवेज बस स्टैंड को शहर से बाहर स्थानांतरित किया जाए, जिससे मुख्य मार्गों पर दबाव कम हो और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।
तीसरी समस्या- जली कोठी से रेलवे रोड चौराहे तक सड़क पर भयंकर जाम लगता है। हालात यह है कि यहां के जाम को पार करने में कभी भी 20 मिनट भी लग जाते हैं।
दैनिक जागरण के अनुसार समस्या का समाधान- जाम से राहत के लिए जली कोठी से ही बसों को डायवर्ट कर रोहटा रोड के जरिए दिल्ली–दून हाईवे पर निकाला जाए। जली कोठी से मछेरान तक सड़क किनारे अतिक्रमण हटाया जाए और टूटी हुई पटरी का निर्माण कराया जाए। केसरगंज से रेलवे रोड तक चौड़ी सड़क पर सामान, ठेले और बिजली के खंभों का अतिक्रमण न होने दिया जाए, साथ ही नाला खोदाई से उत्पन्न समस्याओं का भी तुरंत समाधान किया जाए। भविष्य के लिए स्थायी सुधार के रूप में मछेरान से दिल्ली रोड तक आने वाली सड़क को वन-वे किया जाए और साथ ही सड़क का चौड़ीकरण कर यातायात को सुचारू बनाया जाए।
चौथी समस्या- रेलवे रोड पर वाहनों को काफी देर तक खड़ा होना पड़ता है, इसी वजह से यहां पर हर समय ही जाम रहता है।
दैनिक जागरण के अनुसार समस्या का समाधान- पुलिस ड्यूटी को पूरी मुस्तैदी से लागू किया जाए और चौराहे के चारों ओर हो रहे अतिक्रमण हटाकर सड़क को तुरंत चौड़ा किया जाए, जिससे यातायात सुचारू हो सके। साथ ही स्थायी समाधान के तौर पर रेलवे रोड चौराहे की दोनों सड़कों को लेफ्ट-फ्री बनाया जाए और घंटाघर की तरफ जाने वाली सड़क पर मौजूद अतिक्रमण, अस्थायी दुकानें तथा बिजली के खंभों को हटाकर मार्ग को पूरी तरह साफ और विस्तृत किया जाए।
पांचवी समस्या- फुटबाल चौक पर टूटी सड़क और ई-रिक्शा और आटो के सड़कों पर खड़े होने से जाम लगता है।
दैनिक जागरण के अनुसार समस्या का समाधान- पुलिस ड्यूटी को पूरी मुस्तैदी से लागू किया जाए और ई-रिक्शा, ऑटो तथा दुकानों के सामने मौजूद अतिक्रमण तुरंत हटाया जाए ताकि मार्ग खुला रहे और यातायात में बाधा न आए। स्थायी समाधान के रूप में फुटबॉल चौक का पुनर्निर्माण किया जाए, जिससे वहां की सड़क संरचना सुधरे और पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके।
छठी समस्या- टीपीनगर चौकी से ट्रांसपोर्ट नगर गेट तक लोगों को जाम से जूझना पड़ता है।
दैनिक जागरण के अनुसार समस्या का समाधान- सड़क के दोनों तरफ दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए, ताकि रास्ता चौड़ा हो सके और वाहन आसानी से निकल सकें। ट्रांसपोर्ट नगर गेट पर माधवपुरम की तरफ से आने वाले एक मार्ग को दिल्ली दिशा की ओर ही डायवर्ट किया जाए, क्योंकि इस मार्ग से बेगमपुल की ओर जाने वाले वाहन जाम की प्रमुख वजह बनते हैं। साथ ही विपरीत दिशा से मंडी में जाने वाले वाहनों को भी नियंत्रित किया जाए। इन सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए चौराहों और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मुस्तैद पुलिसकर्मियों की तैनाती अनिवार्य की जाए, जिससे यातायात सुचारू और सुरक्षित रहे।
सातवीं समस्या- रिठानी पीर के पास भी जाम की समस्या रहती है।
दैनिक जागरण के अनुसार समस्या का समाधान- पीर के पास पुलिस की ड्यूटी रहे। साथ ही अतिक्रमण भी हटाया जाए।
यह रहा आपका पूरा कंटेंट एक ही सुव्यवस्थित पैराग्राफ में संक्षिप्त और स्पष्ट रूप में:
एकीकृत पैराग्राफ:
यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एसपी यातायात से लाइन का चार्ज हटा दिया गया है, ताकि वे केवल ट्रैफिक मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित कर सकें। ड्यूटी की योजना बनाकर उपयुक्त पुलिसकर्मियों का चयन किया जाएगा और दिल्ली रोड को जाम मुक्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। नमो भारत ट्रेन शुरू होने के बाद दिल्ली रोड पर जाम में काफी कमी आने की उम्मीद है। वहीं, भैंसाली रोडवेज बस अड्डे को दिल्ली रोड से हटाकर मोदीपुरम और भूड़बराल में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है, जिसका जमीन अधिग्रहण एक महीने में पूरा होने की संभावना है। नए बस स्टैंड के निर्माण में करीब एक साल का समय लगेगा। दिल्ली रोड पर एनसीआरटीसी के कार्य भी लगभग तीन महीने में पूरे हो जाएंगे। तब तक यातायात पुलिस को इस मार्ग पर प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कहीं भी जाम न लगे।