मेरठ में रैपिड-मेट्रो कॉरिडोर का विकास अब तेज़ी से नए चरण में प्रवेश कर रहा है। कमिश्नर भानू चंद्र गोस्वामी ने शहर की आधारभूत संरचना को आधुनिक बनाने और मेट्रो कॉरिडोर के आसपास संपूर्ण विकास सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष समन्वय योजना तैयार करने के निर्देश दिए, यह योजना मेरठ साउथ से मोदीपुरम नार्थ तक के बीच सड़क, नाला और डिवाइडर से जुड़े सभी कार्यों को एकरूपता के साथ पूरा करने पर केंद्रित होगी।
कमिश्नर ने साफ किया कि रैपिड-मेट्रो सिर्फ परिवहन का साधन नहीं, बल्कि मेरठ के भविष्य को आकार देने वाला बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसलिए सड़क निर्माण, जल निकासी और शहरी सौंदर्यीकरण जैसे सभी कार्य समयबद्ध और मानक अनुरूप पूरे होने चाहिए।
डीपीआर तैयार करने के लिए मेडा-नगर निगम-एनसीआरटीसी का संयुक्त प्रयास
बैठक में कमिश्नर ने मेडा (Meerut Development Authority), नगर निगम और एनसीआरटीसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि रैपिड-मेट्रो कॉरिडोर के किनारे-किनारे चल रहे कार्यों के लिए एक संयुक्त विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाए। यह डीपीआर मेरठ साउथ भूड़बराल से परतापुर, मेवला फ्लाईओवर, मेट्रो प्लाज़ा, बेगमपुल होते हुए रूड़की रोड तक संपूर्ण विकास कार्यों का रोडमैप तैयार करेगी।
उन्होंने कहा कि मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण तो हो चुका है, लेकिन नीचे सड़क और डिवाइडर के अधूरे कार्य शहर की सुंदरता और यातायात दोनों को प्रभावित कर रहे हैं। इसलिए एनसीआरटीसी और नगर निगम को मिलकर इन कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा करना होगा। डिवाइडर के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भी अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि लंबे कॉरिडोर को आकर्षक और व्यवस्थित रूप दिया जा सके। मेडा को घंटाघर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की विशेष कार्ययोजना भी तैयार करनी है।
सफाई व्यवस्था और जल निकासी में सुधार को लेकर सख्त निर्देश
बैठक में नगर निगम की सफाई व्यवस्था की समीक्षा भी की गई। कमिश्नर ने पाया कि सफाई संसाधनों की कमी के कारण कई स्थानों पर स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संसाधनों को समय रहते पूरा करने की एक ठोस कार्य योजना तैयार करें। जल निकासी के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की प्रगति भी पूछी गई। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले शहर के नालों का अध्ययन कर लिया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जलभराव समस्या न रहे। जहां-जहां जल निकासी में बाधाएं हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त करने का आदेश दिया गया है।
आधुनिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित मेरठ की दिशा में बड़ा कदम
कमिश्नर भानू चंद्र गोस्वामी के नेतृत्व में रैपिड-मेट्रो कॉरिडोर के आसपास का यह समन्वित विकास मेरठ को आधुनिक शहरों की श्रेणी में मजबूत जगह दिला सकता है। सड़क निर्माण, सफाई व्यवस्था, नाला सुधार और शहरी सौंदर्यीकरण — सभी क्षेत्रों में तेज़ी से काम होने के बाद मेरठ की तस्वीर आने वाले समय में पूरी तरह बदलती नज़र आएगी।