मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच मेट्रो परियोजना का बड़ा चरण पूरा हो चुका है। इस 23 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर बनने वाले सभी 13 मेट्रो स्टेशन में से 12 स्टेशन पूरी तरह बनकर तैयार हो गए हैं, और जनता के लिए 22 फरवरी से शुरू भी होने वाले है। स्टेशनों पर वाहन पार्किंग की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है। मोदीपुरम से मेरठ साउथ के बीच ट्रेनों का संचालन शुरू होते ही मेरठ और दिल्ली के बीच सफर और भी आसान और तेज हो जाएगा। खास बात यह है कि इस कॉरिडोर पर मेट्रो और नमो भारत ट्रेनें एक साथ दौड़ेंगी, जिससे यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक परिवहन विकल्प मिलेगा।
सभी स्टेशनों पर निर्माण कार्य लगभग पूरा, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को मेरठ साउथ के बाद परतापुर से लेकर मोदीपुरम तक मेट्रो स्टेशनों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सभी स्टेशनों पर निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सुरक्षा कारणों से स्टेशनों के प्रवेश द्वारों पर ताले लगे हुए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति स्टेशन परिसर में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर ट्रैक तक न पहुंच सके। इसके साथ ही सभी स्टेशनों पर सुरक्षा कर्मी भी तैनात मिले। परतापुर मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य कई माह पहले ही पूरा कर लिया गया था, जबकि रिठानी मेट्रो स्टेशन पर भी फिनिशिंग का कार्य समाप्त हो चुका है।
शताब्दीनगर, ब्रह्मपुरी और मेरठ सेंट्रल स्टेशन बने आकर्षण का केंद्र
शताब्दीनगर रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर, प्रवेश और निकास द्वार तथा वाहन पार्किंग की सुविधाएं पूरी तरह तैयार हैं। वहीं शहर के भीतर स्थित ब्रह्मपुरी और मेरठ सेंट्रल मेट्रो स्टेशन फिनिशिंग के बाद चमचमाते नजर आ रहे हैं। शहीद स्मारक के पास स्थित भैंसाली मेट्रो स्टेशन को भी बेहद आकर्षक तरीके से तैयार किया गया है। यहां शास्त्रीय संगीत पर आधारित चित्रकारी यात्रियों का ध्यान खींच रही है। इसके अलावा बेगमपुल में शहर का सबसे बड़ा भूमिगत मेट्रो स्टेशन बनाया गया है।
बेगमपुल स्टेशन पर अंदरूनी काम पूरा, बाहर सड़क पर जारी है कार्य
बेगमपुल मेट्रो स्टेशन के अंदर का सारा काम पूरा हो चुका है, हालांकि स्टेशन के बाहर सड़क के ऊपर कुछ निर्माण कार्य अभी जारी है। इसके आगे मोदीपुरम की दिशा में गांधी बाग से आगे एमईएस कॉलोनी के सामने स्थित मेट्रो स्टेशन, डौरली मेट्रो स्टेशन, मेरठ उत्तर मेट्रो स्टेशन और मोदीपुरम मेट्रो स्टेशन पर भी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन सभी स्टेशनों पर वाहन पार्किंग की सुविधा भी तैयार है। हालांकि मोदीपुरम स्टेशन से जुड़े मोदीपुरम डिपो कॉरिडोर पर डिपो का निर्माण कार्य अभी अधूरा पाया गया।
मेट्रो और नमो भारत से रेलवे व बस सेवाओं पर पड़ेगा असर
मोदीपुरम से मेरठ साउथ के बीच मेट्रो और नमो भारत ट्रेनों के संचालन का असर भारतीय रेलवे और परिवहन निगम की बस सेवाओं पर भी साफ नजर आएगा। इसकी वजह यह है कि मेट्रो और नमो भारत ट्रेनें रेलवे और रोडवेज व निजी बसों की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक मानी जा रही हैं। नमो भारत ट्रेन में लोग पहले ही सफर करना शुरू कर चुके हैं और इसका अच्छा रिस्पॉन्स देखने को मिल रहा है।
दिल्ली से मोदीपुरम तक 82 किमी लंबा रैपिड कॉरिडोर
दिल्ली से मोदीपुरम तक एनसीआरटीसी का यह रैपिड रेल कॉरिडोर कुल 82 किलोमीटर लंबा है। फिलहाल दिल्ली के अशोक नगर से मेरठ साउथ तक 55 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनें यात्रियों को सेवाएं दे रही हैं। मेरठ साउथ से दिल्ली तक नमो भारत ट्रेन शुरू होने के बाद से दिल्ली-मेरठ की दूरी लोगों के लिए काफी कम महसूस होने लगी है।
सराय काले खां से मोदीपुरम डिपो तक जल्द शुरू हो सकती है सेवा
दिल्ली के सराय काले खां से मोदीपुरम डिपो के बीच भी नमो भारत ट्रेन सेवा जल्द शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं मेरठ की जनता शहर के भीतर मेट्रो सेवा शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रही है, मोदीपुरम तक मेट्रो और नमो भारत दोनों सेवाएं शुरू होने के बाद मेरठ से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम की यात्रा करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।