मेरठ में मेट्रो का पहला कॉरिडोर तैयार हो चुका है, और 22 फरवरी से चालू भी हो चुकी है, जो मेरठ साउथ पहले स्टेशन से मोदीपुरम के स्टेशन तक चल रही है, और अभी बस सबसे आखिरी स्टेशन मोदीपुरम डिपो का काम बचा हुआ है। इस कॉरिडोर को रैपिड रेल के साथ समायोजित किया गया है, जिससे मेरठ में एक ही पटरी पर रैपिड रेल नमो भारत और मेरठ मेट्रो साथ दौड़ रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि रैपिड रेल दिल्ली तक जा रही है, जबकि मेट्रो का संचालन भूड़बराल से आगे नहीं है।
कब चालू होगा मेरठ मेट्रो में दूसरे फेज का काम – Meerut Metro 2nd Phase News and Update
अब चर्चा दूसरे कॉरिडोर की है। सांसद अरुण गोविल ने हाल ही में मुख्यमंत्री से इस कॉरिडोर के निर्माण की मांग रखी है। पहले यह कॉरिडोर श्रद्धापुरी से गोकुलपुर तक प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे बेगमपुल से गोकुलपुर या उससे आगे तक ले जाने पर विचार किया जा रहा है। अरुण गोविल ने तीसरे कॉरिडोर की भी मांग की है, जो फुटबॉल चौक से बागपत रोड फ्लाईओवर तक बनाया जा सकता है।
हालांकि दूसरा कॉरिडोर अभी भी प्रस्तावित है और उसे रद्द नहीं किया गया है। यही वजह है कि गढ़ रोड पर चल रहे विकास कार्यों में भविष्य की मेट्रो लाइन का ध्यान रखा जा रहा है। सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क चौड़ी की जा रही है, नए डिवाइडर और कलवर्ट बनाए जा रहे हैं। डिवाइडर इतने चौड़े हैं कि भविष्य में आसानी से मेट्रो के पिलर लगाए जा सकें। वहीं कलवर्ट में भी अतिरिक्त जगह छोड़ी गई है ताकि मेट्रो से संबंधित केबल आसानी से डाली जा सके। कई साल पहले राइट्स लिमिटेड ने मेरठ के लिए दो कॉरिडोर की डीपीआर तैयार की थी—
- पहला: परतापुर से बेगमपुल होते हुए पल्लवपुरम फेज-1 तक।
- दूसरा: श्रद्धापुरी फेज-2 से हापुड़ अड्डा चौराहा होते हुए गोकुलपुर गांव तक।
पहले कॉरिडोर पर ही देश की पहली रीजनल रैपिड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित हो गई, इसलिए बाद में मेट्रो को उसी में समायोजित कर दिया गया। अब दूसरे कॉरिडोर के लिए नई डीपीआर बनाने की जरूरत होगी।फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक टाइमलाइन सामने नहीं आई है, लेकिन यह तय है कि आने वाले कुछ वर्षों में मेरठ को दूसरे मेट्रो कॉरिडोर की सौगात जरूर मिलेगी।