दिल्ली और मेरठ के बीच रोज़ाना लाखों यात्री सफर करते हैं। रैपिड रेल और मेट्रो के संचालन से न केवल यातायात दबाव कम होगा बल्कि लोगों को तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा मिलेगी। यह परियोजना मेरठ के विकास और आधुनिक परिवहन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
मेरठ को मिल सकता है मेरठ मेट्रो और नमो भारत का तौहफा – Meerut Metro and Namo Bharat Inauguration Date
नवभारत टाइम्स और हिंदुस्तान वेबसाइट की खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 सितंबर को नवरात्र के अवसर पर दिल्ली–मेरठ रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे। वह दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन से रैपिड ट्रेन में सवार होकर सीधे मेरठ पहुंचेंगे और मोदीपुरम तक सफर करेंगे। वापसी के दौरान शताब्दीनगर में आयोजित विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली–मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर पर अब आम जनता यात्रा कर सकेगी। अब तक दिल्ली से मेरठ साउथ तक सफल ट्रायल रन हो चुका था, लेकिन 30 सितंबर से पूरा कॉरिडोर यात्रियों के लिए खुल जाएगा। एनसीआरटीसी के अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश स्टेशनों का निर्माण पूरा हो चुका है और केवल अंतिम फिनिशिंग कार्य शेष है।
मेरठ में कॉमन स्टेशन
मेरठ में रैपिड रेल और मेट्रो दोनों के लिए चार कॉमन स्टेशन बनाए गए हैं, इन स्टेशनों से यात्री दोनों सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे—
मेरठ मेट्रो कॉरिडोर
मेरठ मेट्रो की कुल लंबाई 23 किलोमीटर है। इसमें 18 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड और 5 किलोमीटर भूमिगत होगा। कुल 13 स्टेशन बनाए गए हैं:
- मेरठ साउथ (एलिवेटेड)
- परतापुर (एलिवेटेड)
- रिठानी (एलिवेटेड)
- शताब्दीनगर (एलिवेटेड)
- ब्रह्मपुरी (एलिवेटेड)
- मेरठ सेंट्रल (भूमिगत)
- भैसाली (भूमिगत)
- बेगमपुल (भूमिगत)
- एमईएस कॉलोनी (एलिवेटेड)
- डौरली (एलिवेटेड)
- मेरठ नॉर्थ (एलिवेटेड)
- मोदीपुरम (एलिवेटेड)
- मोदीपुरम डिपो (ग्राउंड लेवल
सुरक्षा इंतज़ाम
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। परतापुर और आस–पास के क्षेत्रों में घर–घर जाकर चेकिंग की गई, किरायेदारों और बाहर से आए लोगों का पूरा ब्यौरा लिया गया। एडीजी भानु भास्कर ने अधिकारियों को किसी भी स्तर पर चूक न होने के निर्देश दिए हैं। शताब्दीनगर में आयोजित होने वाली यह जनसभा राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम है। यहीं से प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में लोकसभा चुनाव का शंखनाद किया था।