मेरठ शहर में लंबे समय से जाम की समस्या एक बड़ी परेशानी बनी हुई है। अब इस समस्या को कम करने के लिए जिला प्रशासन और एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन) ने एक बड़ा कदम उठाया है। दैनिक जागरण की खबर के अनुसार, दिल्ली रोड स्थित भैंसाली बस अड्डे को शहर से बाहर शिफ्ट करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। इसके बाद प्रतिदिन आने-जाने वाली सैकड़ों बसों का शहर में प्रवेश बंद हो जाएगा, जिससे जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। इस प्रोजेक्ट से न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि शहर को प्रदूषण और शोर से भी राहत मिलेगी।
बसों का शहर में प्रवेश होगा बंद
भैंसाली बस अड्डे से रोजाना चार सौ से अधिक रोडवेज और निजी बसें विभिन्न राज्यों और जिलों से मेरठ पहुंचती हैं। इन बसों की वजह से दिल्ली रोड और आसपास के क्षेत्रों में लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। अब प्रशासन ने फैसला लिया है कि इस बस अड्डे को शहर से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे इन 400 से अधिक बसों को शहर में आने की अनुमति नहीं मिलेगी। इस कदम से मुख्य सड़कों पर दबाव कम होगा और स्थानीय नागरिकों को राहत मिलेगी।
भूडबराल और मोदीपुरम में नए बस अड्डे का निर्माण
भैंसाली बस अड्डे को स्थानांतरित करने के लिए भूडबराल और मोदीपुरम को नए बस अड्डों के लिए चयनित किया गया है। जिला प्रशासन दोनों स्थानों पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी कर चुका है। चार गांवों की कुल 39,930 वर्ग मीटर भूमि इस परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही है। इसमें भूडबराल में 28,082 वर्ग मीटर भूमि पर नया बस अड्डा बनाया जाएगा, जबकि मोदीपुरम में 11,848 वर्ग मीटर भूमि में दूसरा बस अड्डा तैयार होगा। इस पूरे प्रोजेक्ट का खर्च एनसीआरटीसी द्वारा वहन किया जा रहा है और वही बस अड्डों का निर्माण कार्य भी करवाएगा।
दोनों स्थानों पर जमीन अधिग्रहण की अंतिम घोषणा के लिए प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। मंडलायुक्त की अनुमति के बाद अब धारा 19 की घोषणा किसी भी समय की जा सकती है। इस घोषणा के 30 दिन बाद किसानों के खातों में मुआवजा राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी और एनसीआरटीसी को जमीन पर कब्जा सौंप दिया जाएगा। इसके बाद नए बस अड्डों के निर्माण का कार्य तेजी से शुरू होगा।
प्रभावित परिवारों को मिलेगा मुआवजा और सहायता
इस परियोजना के तहत भूडबराल में 31 और मोदीपुरम में 48 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। सभी परिवारों को पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रत्येक परिवार को 5.50 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। यह राशि भूमि मुआवजे से अलग होगी, जिससे प्रभावित लोगों को अपने पुनर्वास में आसानी होगी। जिला प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण में अब कोई बड़ी अड़चन शेष नहीं है और मुआवजा देने के बाद शीघ्र ही एनसीआरटीसी को निर्माण कार्य के लिए जमीन सौंप दी जाएगी।
शहर को मिलेगा जाम से स्थायी समाधान
भैंसाली बस अड्डे को बाहर शिफ्ट करने का सबसे बड़ा लाभ मेरठ के नागरिकों को मिलेगा। दिल्ली रोड पर रोजाना लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से राहत मिलने के साथ ही प्रदूषण का स्तर भी कम होगा। नए बस अड्डों के निर्माण के बाद रोडवेज बसों की आवाजाही नियंत्रित होगी और शहर के अंदर की सड़कों पर वाहन सुगमता से चल सकेंगे।
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह के अनुसार, “भूडबराल और मोदीपुरम में भूमि अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मंडलायुक्त से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की अनुमति मिल चुकी है। जल्द ही धारा 19 की घोषणा कर किसानों के खातों में मुआवजा ट्रांसफर किया जाएगा और एनसीआरटीसी को भूमि पर कब्जा दिलाया जाएगा। इसके बाद दोनों बस अड्डों का निर्माण तेजी से शुरू किया जाएगा ताकि जनता को जल्द से जल्द नई सुविधा का लाभ मिल सके।”
इस परियोजना के पूरा होने के बाद मेरठ शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। शहर के मध्य से भारी बस यातायात हटने के बाद लोगों को न केवल जाम से छुटकारा मिलेगा, बल्कि यात्रा का अनुभव भी पहले से कहीं अधिक आरामदायक और तेज़ हो जाएगा।