मेरठ मेट्रो परियोजना 2016 से विचाराधीन है जब रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विसेज (RITES) ने एक डिटेल्ड परियोजना रिपोर्ट तैयार की और इसे राज्य सरकार को सौपा था। पीएम नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को आरआरटीएस (RRTS) के साथ मेरठ मेट्रो परियोजना की आधारशिला रखी। मेरठ मेट्रो परियोजना का निर्माण जून 2019 में शुरू किया गया था और अब साल 2026 में पीएम मोदी 22 फरवरी को इसका उद्घाटन कर चुके हैं।
यह भारत के उत्तर प्रदेश में मेरठ शहर को सेवा प्रदान कर रहा हैं। मेरठ में मेट्रो ट्रेन को चलाने के लिए पहला रूट बन चूका है, जिसमें 13 में से 12 स्टेशन खोले जा चुके है, दूसरा रूट इसके बाद बनना चालू होगा। इसमें पहला रूट मेरठ साउथ से मोदीपुरम (13 Stations) तक है और दूसरा रूट श्रद्धापुरी चरण II से जागृति विहार (12 Stations) होना संभव हैं। मेरठ मेट्रो का आरआरटीएस (RRTS) के साथ मर्जर के कारण, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) मेट्रो और इसकी ट्रेनों का मालिक है और इसका संचालन भी करता है।
मेरठ मेट्रो ट्रेन परियोजना
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मालिक | राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) |
| स्थान | मेरठ शहर, उत्तर प्रदेश |
| ट्रांजिट प्रकार | रैपिड ट्रांजिट |
| रूट | 2 रूट रूट-I रूट-II |
| स्टेशनों की संख्या | कुल 25 (रूट I-13, रूट II-12) |
| मेट्रो कब शुरू होगी | 22 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है |
| ट्रैक कैसा है | एलिवेटेड, भूमिगत और स्तर पर |
| मेरठ मेट्रो में डिब्बों की संख्या | 3 कोच |
| ट्रैक की लंबाई | कुल 38.6 किमी (रूट I-23.60 किमी, रूट II-12) |
| सबसे ज्यादा गति | 135 किलोमीटर प्रति घंटा |
| चालन गति | 120 किलोमीटर प्रति घंटा |
मेरठ मेट्रो परियोजना का इतिहास
मेरठ मेट्रो का प्रस्ताव (2010-2016)- 2010 की शुरुआत में, मेरठ और आरआरटीएस (RRTS) की मेट्रो ट्रेन परियोजनाएं, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित की गई थी। शहर में बढ़ती जनसंख्या, यातायात और मांग के कारण मेरठ में मेट्रो ट्रेन की जरुरत है, एनसीआर (NCR) के पास स्थित होने के कारण भी इसकी मांग थी। इसलिए मेट्रो परियोजना का पहला मूल्यांकन RITES द्वारा जून 2015 में किया गया था और इसे जून 2016 में भारत सरकार को प्रस्तुत किया गया था।
मेट्रो की कनेक्टिविटी (2017)- 2017 में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने परियोजना शुरू की। मेट्रो लाइन की शुरुआत में परतापुर से मोदीपुरम तक 11 स्टेशनों की योजना बनाई गई थी, लेकिन मेरठ के सीमा क्षेत्र को जोड़ने के लिए इसे मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम डिपो तक 13 स्टेशनों तक बढ़ा दिया गया था।
मेरठ मेट्रो का शिलान्यास एवं निर्माण कार्य का प्रारम्भ (2019)- 8 मार्च 2019 को, पीएम नरेंद्र मोदी ने मेट्रो ट्रेन परियोजना के साथ-साथ दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस (RRTS) परियोजना का शिलान्यास कर निर्माण की शुरुआत की। इन दोनों परियोजनाओं का निर्माण भी उसी साल जून महीने में शुरू किया गया था. अब इन दोनों परियोजनाओं को जून 2025 की समय सीमा या उससे पहले पूरा और शुरू करने की उम्मीद है।
2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच झड़प हुई तो भारत सरकार ने मेट्रो की ट्रेन बनाने वाली चीनी कंपनी से बोली वापस ले ली. इस वजह से एनसीआरटीसी (NCRTC) और बॉम्बार्डियर ट्रांसपोर्टेशन द्वारा दोबारा-बोली लगाई गई थी। 7 मई 2024 को, एल्सटॉम कंपनी ने री-बोली प्रक्रिया जीत ली और इसका अधिग्रहण किया।
मेरठ मेट्रो का निर्माण- वर्तमान में, मेरठ ट्रेनों का निर्माण गुजरात के सविल में एल्सटॉम के संयंत्र में किया जाता है। कंपनी 30 ट्रेनों के लिए 210 कोचों की आपूर्ति करेगी, प्रत्येक में 3 कोच होंगे।
पहला ट्रेन सेट (2024)- मेट्रो का पहला ट्रेन सेट 16 फरवरी 2024 को एल्सटॉम द्वारा एनसीआरटीसी को दिया गया था, दोनों परियोजनाएं जून 2025 तक पूरी होने की उम्मीद हैं।
मेरठ मेट्रो का ट्रायल रन (2025)- 12 जनवरी 2025 को मेरठ मेट्रो का पहला ट्रायल रन मेरठ में मेरठ साउथ स्टेशन से मेरठ सेंट्रल स्टेशन तक किया गया।
मेरठ मेट्रो स्टेशन सूची
मेरठ की मेट्रो को दो चरणों में बनाया जा रहा है, फिलहाल आरआरटीएस के साथ मेट्रो का पहला चरण निर्माणाधीन है, जिससे ना सिर्फ लोगों के यात्रा समय में भारी बचत होगी बल्कि जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। दोनों चरणों की कुल लम्बाई 38.60 किमी (24.0 मील) है। दोनों लाइनों पर कुल 25 स्टेशन होंगे, जिनमें से पहले चरण में 13 स्टेशन और दूसरे चरण में 12 स्टेशन होंगे। मेरठ मेट्रो की फ्रीक्वेंसी संभवत: 7 मिनट की रहेगी।
इसमें मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशनों पर दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के साथ इंटरचेंज पॉइंट भी शामिल होंगे। नीचे मेरठ मेट्रो स्टेशन की लिस्ट और दोनों मेट्रो लाइनों का विवरण दिया गया है-
- चरण-1 स्टेशन और मार्ग:
- लंबाई: 23.60 किमी (14.70 मील)
- स्टेशन: 13 (ऊंचाई पर: 14.80 किमी; भूमिगत: 8.80 किमी)
- स्थितिः निर्माणाधीन
- चरण-2 स्टेशन और मार्ग:
- लंबाई: 15 किलोमीटर (9.30 मील)
- स्टेशन: 12 (ऊंचाई पर: 10.70 किमी; भूमिगत: 4.30 किमी)
- स्थिति: प्रस्तावित
मेरठ मेट्रो लाइन 1 मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम तक

मेट्रो का पहला चरण मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम मार्ग को कवर करता है, जिसकी कुल दूरी 23.60 किलोमीटर (14.70 मील) है। इसमें 14.80 किमी (9.2 मील) का एलिवेटेड मार्ग, 8.8 किमी (5.5 मील) का भूमिगत मार्ग और मोदीपुरम में डिपो स्टेशन के रूप में एक ग्रेड स्टेशन है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लंबाई | 23.60 किमी (14.70 मील) |
| मालिक | राष्ट्रीय राजधानी परिवहन निगम (एनसीटीआरसी) |
| स्थिति | निर्माणाधीन |
| प्रकार | एलिवेटेड: 14.80 किलोमीटर और भूमिगत: 8.80 किलोमीटर |
| डिपो | मोदीपुरम डिपो |
| स्टेशनों की संख्या | 13 |
मेरठ मेट्रो में स्टेशनों के नाम लाइन 1
मेरठ मेट्रो की लाइन 1 पर 13 स्टेशन हैं, जिनमें से 9 एलिवेटेड, 3 भूमिगत होंगे और एक मोदीपुरम डिपो में ग्रेड स्टेशन होगा। यह एक ही कॉरिडोर पर आरआरटीएस के साथ चलेगा। नीचे आपको लाइन 1 के मेरठ मेट्रो स्टेशन की लिस्ट दी गई है-
| क्र.सं. | स्टेशन कोड | स्टेशन का नाम | शुरुआत | कनेक्शन | स्टेशन लेआउट | प्लैटफ़ॉर्म लेवल टाइप | डिपो कनेक्शन | डिपो लेआउट |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | A10 | मेरठ साउथ | 2025 | दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस | एलिवेटेड | आइस लैंड | – | – |
| 2 | A11 | परतापुर | 2025 | – | एलिवेटेड | आइस लैंड | – | – |
| 3 | A12 | रिठानी | 2025 | – | एलिवेटेड | आइस लैंड | – | – |
| 4 | A13 | शताब्दीनगर | 2025 | दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस | एलिवेटेड | आइस लैंड | – | – |
| 5 | A14 | ब्रह्मपुरी | 2025 | – | एलिवेटेड | आइस लैंड | – | – |
| 6 | A15 | मेरठ सेंट्रल | 2025 | – | भूमिगत | आइस लैंड | – | – |
| 7 | A16 | भैसाली | 2025 | – | भूमिगत | आइस लैंड | – | – |
| 8 | A17 | बेगमपुल | 2025 | दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस | भूमिगत | आइस लैंड | – | – |
| 9 | A18 | एमईएस कॉलोनी | 2025 | – | एलिवेटेड | आइस लैंड | – | – |
| 10 | A19 | डौरली | 2025 | – | एलिवेटेड | आइस लैंड | – | – |
| 11 | A20 | मेरठ उत्तर | 2025 | – | एलिवेटेड | आइस लैंड | – | – |
| 12 | A21 | मोदीपुरम | 2025 | दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस | एलिवेटेड | आइस लैंड | – | – |
| 13 | AS3 | मोदीपुरम डिपो स्टेशन | 2025 | – | ग्रेड पर | आइस लैंड | मोदीपुरम डिपो | ग्रेड पर |
मेरठ साउथ मेट्रो स्टेशन
मेरठ साउथ मेट्रो/RRTS स्टेशन NCRTC के स्वामित्व में है और इसका स्टेशन कोड A10 है। यह एक एलिवेटेड स्टेशन है, जिसमें 2 प्लेटफॉर्म और 2 ट्रैक हैं। इसका पता NH 34, भूड बाराल, मेरठ, उत्तर प्रदेश है। स्टेशन तीन स्तरों में विभाजित है—प्लेटफॉर्म, कंकोर्स और सड़क स्तर। इसकी लंबाई 215 मीटर और चौड़ाई 26 मीटर है, जबकि रेल ट्रैक ज़मीन से 24 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मेरठ साउथ मेट्रो स्टेशन से यात्री दिल्ली-मेरठ RRTS के लिए आसानी से इंटरचेंज कर सकते हैं।
परतापुर मेरठ मेट्रो स्टेशन
परतापुर मेट्रो स्टेशन NCRTC के स्वामित्व में है और इसका स्टेशन कोड A11 है। यह मेरठ मेट्रो लाइन-1 का दूसरा स्टेशन है और एक एलिवेटेड संरचना के रूप में निर्मित है। स्टेशन में 2 प्लेटफॉर्म और 4 ट्रैक हैं। इसकी लंबाई 75 मीटर और चौड़ाई 36 मीटर है, जबकि रेल ट्रैक ज़मीन से 22 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। परतापुर मेट्रो स्टेशन, Platinum Honda मेरठ के पास स्थित है। इसके संचालन से आसपास के निवासियों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा।
रिठानी मेरठ मेट्रो स्टेशन
रिठानी मेट्रो स्टेशन, NCRTC के स्वामित्व में एक एलिवेटेड स्टेशन है, जिसका स्टेशन कोड A12 है। यह मेरठ के रिठानी गाँव में स्थित है और इसके जून 2025 तक शुरू होने की संभावना है।
शताब्दीनगर मेरठ मेट्रो स्टेशन
शताब्दीनगर मेट्रो स्टेशन, NCRTC के स्वामित्व में एक एलिवेटेड स्टेशन होगा, जिसका स्टेशन कोड A13 है। यह Shopprix Mall, मेरठ के पास स्थित है और इसके जून 2025 तक खुलने की संभावना है, यात्रियों के लिए यह स्टेशन दिल्ली-मेरठ RRTS से इंटरचेंज की सुविधा प्रदान करेगा।
ब्रह्मपुरी मेरठ मेट्रो स्टेशन
ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन की ओनरशिप NCRTC के पास हैं, और इसका स्टेशन कोड A14 है. यह एक एलिवेटेड स्टेशन होगा. यह स्टेशन Transport Nagar (TP Nagar) के पास हैं, इस स्टेशन के जून 2025 तक खुलने की उम्मीद है.
मेरठ सेंट्रल मेट्रो स्टेशन
मेरठ सेंट्रल मेट्रो स्टेशन NCRTC के स्वामित्व में एक भूमिगत स्टेशन (Underground Station) होगा, जिसका स्टेशन कोड A15 है। यह मेट्रो प्लाजा या HRS चौक के पास स्थित है और इसके जून 2025 तक संचालन में आने की संभावना है।
भैसाली मेरठ मेट्रो स्टेशन
भैसाली मेट्रो स्टेशन की ओनरशिप NCRTC के पास हैं, और इसका स्टेशन कोड A16 है. यह एक भूमिगत स्टेशन (Underground Station) होगा. भैसाली मेट्रो स्टेशन, भैसाली मैदान के पास हैं, इस स्टेशन के जून 2025 तक खुलने की उम्मीद है.
बेगमपुल मेरठ मेट्रो स्टेशन
बेगमपुल मेट्रो स्टेशन NCRTC के स्वामित्व में एक भूमिगत स्टेशन होगा, जिसका स्टेशन कोड A17 है। यह भारत माता चौक के पास स्थित है और इसके जून 2025 तक संचालन शुरू होने की संभावना है।यात्रियों के लिए यहां से दिल्ली-मेरठ RRTS से इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी।
एमईएस कॉलोनी मेरठ मेट्रो स्टेशन
एमईएस कॉलोनी मेट्रो स्टेशन की ओनरशिप NCRTC के पास हैं, और इसका स्टेशन कोड A18 है. यह एक एलिवेटेड स्टेशन होगा. स्टेशन का पता Supply Depot (गांधी बाग) के पास है. इस स्टेशन के जून 2025 तक खुलने की उम्मीद है.
डौरली मेरठ मेट्रो स्टेशन
डौरली मेट्रो स्टेशन की ओनरशिप NCRTC के पास हैं, और इसका स्टेशन कोड A19 है. यह एक एलिवेटेड स्टेशन होगा. स्टेशन का पता गाँव डौरली है. इस स्टेशन के जून 2025 तक खुलने की उम्मीद है.
मेरठ उत्तर मेट्रो स्टेशन
मेरठ उत्तर मेट्रो स्टेशन की ओनरशिप NCRTC के पास हैं, और इसका स्टेशन कोड A20 है. यह एक एलिवेटेड स्टेशन होगा. स्टेशन का पता मेरठ उत्तर है. इस स्टेशन के जून 2025 तक खुलने की उम्मीद है.
मोदीपुरम मेरठ मेट्रो स्टेशन
मोदीपुरम मेट्रो स्टेशन की ओनरशिप NCRTC के पास हैं, यह एक एलिवेटेड स्टेशन होगा, जिसका स्टेशन कोड A21 है। यह मोदीपुरम में स्थित है और इसके जून 2025 तक संचालन शुरू होने की संभावना है। यात्रियों के लिए यहां से दिल्ली-मेरठ RRTS से इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी।
मोदीपुरम डिपो मेरठ मेट्रो स्टेशन
मोदीपुरम डिपो मेट्रो स्टेशन की ओनरशिप NCRTC के पास हैं, और इसका स्टेशन कोड AS3 है. यह एक At-grade स्टेशन होगा. स्टेशन का पता मोदीपुरम डिपो है. इस स्टेशन के जून 2025 तक खुलने की उम्मीद है.
मेरठ मेट्रो लाइन 2 श्रद्धापुरी चरण II – जागृति विहार
मेट्रो का दूसरा चरण श्रद्धापुरी चरण II से जागृति विहार रास्ते को कवर करता है, जिसकी दूरी 15 किलोमीटर (9.30 मील) है। इसमें 10.70 किमी (6.6 मील) का एलिवेटेड मार्ग और 4.3 किमी (2.7 मील) का भूमिगत मार्ग है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लंबाई | 15 किमी (9.30 मील) |
| मालिक | उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPMRCL) |
| स्थिति | प्रस्तावित |
| प्रकार | एलिवेटेड: 10.70 किमी & भूमिगत: 4.30 किमी |
| स्टेशनों की संख्या | 12 |
मेरठ मेट्रो में स्टेशनों के नाम लाइन 2
मेरठ मेट्रो की लाइन 2 पर 12 स्टेशन हैं, जिनमें से 7 एलिवेटेड और 5 अंडरग्राउंड होंगे। चरण 2 स्टेशन नई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) टेंडर जारी करने की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। यहां लाइन 2 के मेरठ मेट्रो स्टेशन की लिस्ट दी गई है-
- श्रद्धापुरी फेज 2
- कंकर खेड़ा
- मेरठ कैंट रेलवे स्टेशन
- रजबन बाजार
- बेगमपुल
- बाचा पार्क
- हापुड अड्डा चौराहा
- गांधी आश्रम
- मंगल पांडे नगर
- तेजगढ़ी
- मेडिकल कॉलेज
- जागृति विहार एक्सटेंशन
मेरठ मेट्रो रूट मैप

मेरठ मेट्रो कब शुरू होगी
मेरठ मेट्रो परियोजना पर काम चल रहा है, और मेरठ साउथ को छोड़कर इसके सभी स्टेशन निर्माणाधीन हैं। रैपिड मेट्रो के लिए मेरठ साउथ स्टेशन खुल गया है, लेकिन मेरठ मेट्रो जून 2025 के बाद काम करना शुरू कर देगी। आरआरटीएस रैपिड रेल कॉरिडोर के अंडरग्राउंड स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं. फिलहाल इन सभी स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बनाए जा रहे हैं, साथ ही फिनिशिंग का काम भी चल रहा है। मेरठ में तीन अंडरग्राउंड स्टेशनों वाले लगभग 5 किमी लंबे इस अंडरग्राउंड खंड पर वर्तमान में ट्रैक बिछाने की गतिविधियां चल रही हैं।
मेरठ में मेट्रो ट्रैन कब से शुरू होगी– मेरठ मेट्रो की संभावित उद्घाटन तिथि जून 2025 है, उम्मीद है कि मेरठ मेट्रो के ट्रायल सहित सभी कार्य 2025 में जून माह से पहले पूरे हो जाएंगे और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन जून 2025 तक हो जाएगा। हालांकि मेरठ मेट्रो का सफल ट्रायल 12 जनवरी 2025 को हो गया है।
मेरठ मेट्रो स्टेशनों पर सुविधाएं
सभी मेट्रो ट्रेन स्टेशनों पर आरआरटीएस स्टेशनों के समान सुविधाएं हैं। यात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करने और परेशानी मुक्त अनुभव देने करने के लिए उनके पास कई सुविधाएं होंगी। यहां उन सुविधाओं की लिस्ट दी गई है जो यात्रियों को उपलब्ध होंगी और प्रदान की जाएंगी-
- सीसीटीवी कैमरे
- नि: शुल्क वाई – फाई
- शौचालय
- रेस्टोरेंट
- रिटेल स्टोर
- पार्किंग
- बुकिंग काउंटर
- चेक-इन-कियोस्क
- लिफ्ट
- ऑन-बोर्ड खानपान
- एस्केलेटर की सुविधा
- चाइल्ड केयर सुविधाएं
- व्हीलचेयर की सुविधा
- प्लेटफार्म स्क्रीन दरवाजे
- फ़ूड वेंडिंग मशीन
- टिकट वेंडिंग मशीन
- सामान चेकिंग काउंटर
- आपातकालीन एवं चिकित्सा सुविधाएं
मेरठ मेट्रो टिकट की कीमत
मेरठ मेट्रो टिकटों की सूची अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन रैपिड मेट्रो न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ आरआरटीएस स्टेशन तक शुरू हो गई है, इसलिए मेरठ साउथ स्टेशन से टिकट की कीमतें यहां दी गई हैं-
| स्टेशन | मेरठ दक्षिण (स्टैंडर्ड किराया) | मेरठ दक्षिण (प्रीमियमकिराया) |
|---|---|---|
| न्यू अशोक नगर (A01) | 150 | 225 |
| आनंद विहार (A02) | 130 | 195 |
| साहिबाबाद (A03) | 110 | 220 |
| गाजियाबाद (A04) | 90 | 180 |
| गुलधर (A05) | 80 | 160 |
| दुहाई(A06) | 70 | 140 |
| दुहाई डिपो (AS2) | 80 | 160 |
| मुरादनगर (A07) | 60 | 120 |
| मोदीनगर साउथ (A08) | 40 | 80 |
| मोदीनगर उत्तर (A09) | 30 | 60 |
मेरठ मेट्रो रेल न्यूज़
जुलाई 2016: रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) द्वारा तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी गई।
जून 2017- उच्च प्राथमिकता वाली दिल्ली-मेरठ क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना को देखते हुए परियोजना को रोक दिया गया था।
जनवरी 2018- राज्य कैबिनेट ने मेरठ, कानपुर और आगरा में मेट्रो बनाने का फैसला किया.
सितंबर 2018- राज्य सरकार ने डीपीआर को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा.
जनवरी 2019- मेरठ मेट्रो और दिल्ली मेरठ आरआरटीएस को एक ही कॉरिडोर पर चलाने का निर्णय लिया गया।
मार्च 2019- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आरआरटीएस और मेट्रो परियोजना की आधारशिला रखी।
जून 2019- आरआरटीएस और मेट्रो परियोजना की शुरुआत लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) द्वारा स्तंभ कार्य की शुरुआत से चिह्नित की गई थी।
मई 2020- बॉम्बार्डियर ट्रांसपोर्टेशन, जिसे अब एल्सटॉम द्वारा अधिग्रहित किया गया है, ने आरआरटीएस और मेट्रो प्रोजेक्ट ट्रेनसेट बनाने की बोली जीती।
फरवरी 2024: एनसीआरटीसी को पहली मेट्रो ट्रेन मिली। आरआरटीएस और मेट्रो परियोजना जून 2025 तक पूरी होने की राह पर है।
जनवरी 2025: एनसीआरटीसी ने मेरठ साउथ मेट्रो स्टेशन से मेरठ सेंट्रल मेट्रो स्टेशन तक मेरठ मेट्रो का सफल परीक्षण किया।
मेरठ मेट्रो के स्टेशनों का निर्माण
NCRTC ने मेट्रो परियोजना के पहले चरण के लिए सिविल निर्माण कार्य को 13 स्टेशनों में विभाजित किया है। स्टेशनों के अलावा, मोदीपुरम में एक डिपो है जो मेट्रो ट्रेनों और दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम दोनों के लिए होगा, और चार पैकेज हैं जो आरआरटीएस पैकेज का हिस्सा भी हैं।
| पैकेजेस | विवरण | चरण | ठेकेदारों | स्थिति |
|---|---|---|---|---|
| पैकेज-3 का हिस्सा | परतापुर- शताब्दी नगर (एलिवेटेड वायाडक्ट और परतापुर, रिठानी और शताब्दी नगर में 3 स्टेशन) | 1 | Larsen & Toubro (L&T) | निर्माणाधीन |
| पैकेज-5बी | मोदीपुरम डिपो और वर्कशॉप | 1 | KSM Bashir Mohammad & Sons | निर्माणाधीन |
| पैकेज-7 | शताब्दी नगर- ब्रह्मपुरी डाउन रैंप और बेगमपुल अप रैंप-मोदीपुरम (एलिवेटेड वायाडक्ट और ब्रह्मपुरी, एमईएस कॉलोनी, डौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम में 5 स्टेशन) | 1 | Larsen & Toubro (L&T) | निर्माणाधीन |
| पैकेज-8 | ब्रह्मपुरी डाउन रैंप और बेगमपुल अप रैंप (भूमिगत जुड़वां सुरंगें और मेरठ सेंट्रल, भैसाली और बेगमपुल पर 3 स्टेशन) | 1 | Afcons Infrastructure | निर्माणाधीन |
मेरठ मेट्रो की मैन्युफैक्चरिंग
भारत और चीन की सेनाओं के बीच गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत सरकार ने चीनी कंपनी से बोली वापस ले ली. री-बोली प्रक्रिया के बाद, इसे 7 मई 2020 को Alstom द्वारा जीता और अधिग्रहित किया गया। 2020 के बाद, मेट्रो ट्रेनों का निर्माण और वितरण एल्सटॉम कंपनी द्वारा किया जा रहा है। एल्सटॉम रेलवे निर्माण में एक वैश्विक फ्रांसीसी विनिर्माण कंपनी है, कंपनी के संयंत्र सावली, वडोदरा जिले, गुजरात में हैं।
एल्सटॉम कंपनी मेरठ मेट्रो को बना रही हैं, जिसमें क्षमता 700 यात्रियों की होगी और प्रत्येक ट्रेन में तीन कोच होंगे। अभी वो 10 ट्रेने यानि कुल 30 कोच बना रही हैं। पहली मेरठ मेट्रो ट्रेन 16 फरवरी 2024 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को सौंपी गई थी।
ट्रेनसेट को एल्सटॉम के हैदराबाद इंजीनियरिंग सेंटर में डिजाइन किया गया है और सावली, गुजरात में बनाया किया गया है। ट्रेनों को 135 किमी/घंटा (84 मील प्रति घंटे) की अधिकतम गति और 120 किमी/घंटा (75 मील प्रति घंटे) की परिचालन गति के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे ये ट्रेनें भारत की नमो भारत ट्रेनों के बाद दूसरी सबसे तेज़ रैपिड ट्रांजिट ट्रेनें बन जाती हैं। दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस की अधिकतम गति 180 किमी/घंटा (110 मील प्रति घंटे) है।
मेरठ मेट्रो की विशेषताएँ
- अत्याधुनिक बॉडी डिजाइन, 3.2 मीटर चौड़े और 22 मीटर लंबे स्टेनलेस स्टील कोच
- करीब 175 सीटों वाली 3 कोच की मेट्रो ट्रेन, 700 से अधिक यात्री एक बार में कर सकेंगे सफर
- एर्गोनॉमिक डिजाइन, 2×2 स्टाइल की आरामदायक सीटें, सामान रखने के लिए रैक
- खड़े होने वाले यात्रियों के लिए सीटों पर ग्रैब हैंडल के साथ आधुनिक इंटीरियर
- ‘मेक-इन-इंडिया’ का शानदार उदाहरण, भारत में ही 100 प्रतिशत डिजाइन और निर्माण
- ऊर्जा कुशल, स्वचालित ट्रेन नियंत्रण और संचालन, आधुनिक रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम
- इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए चार्जिंग पोर्ट, इंडिकेशन लाइट के साथ पुश बटन वाले दरवाजे
- बड़े इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड और स्पीकर, इनडोर-आउटडोर सीसीटीवी कैमरे
- इमर्जेंसी अलार्म और टॉक बैक सिस्टम जैसे सुरक्षा उपाय, आपातकालीन निकासी के लिए उपकरण
- बेहतर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (पीएसडी)
- आपातकालीन स्थिति में मेडिकल स्ट्रेचर ले जाने के लिए जगह, व्हीलचेयर के लिए भी स्थान
- लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन (एलटीई) पर हाइब्रिड लेवल-3 के साथ यूरोपीय ट्रेन नियंत्रण प्रणाली (ईटीसीएस) लेवल 2 सिग्नलिंग
मेरठ मेट्रो ट्रायल रन वीडियो
- अत्याधुनिक बॉडी डिजाइन, 3.2 मीटर चौड़े और 22 मीटर लंबे स्टेनलेस स्टील कोच
- * करीब 175 सीटों वाली 3 कोच की मेट्रो ट्रेन, 700 से अधिक यात्री एक बार में कर सकेंगे सफर
- * एर्गोनॉमिक डिजाइन, 2×2 स्टाइल की आरामदायक सीटें, सामान रखने के लिए रैक
- * खड़े होने वाले यात्रियों के लिए सीटों पर ग्रैब हैंडल के साथ आधुनिक इंटीरियर
- * ‘मेक-इन-इंडिया’ का शानदार उदाहरण, भारत में ही 100 प्रतिशत डिजाइन और निर्माण
- * ऊर्जा कुशल, स्वचालित ट्रेन नियंत्रण और संचालन, आधुनिक रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम
- * इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए चार्जिंग पोर्ट, इंडिकेशन लाइट के साथ पुश बटन वाले दरवाजे
- * बड़े इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड और स्पीकर, इनडोर-आउटडोर सीसीटीवी कैमरे
- * इमर्जेंसी अलार्म और टॉक बैक सिस्टम जैसे सुरक्षा उपाय, आपातकालीन निकासी के लिए उपकरण
- * बेहतर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (पीएसडी)
- * आपातकालीन स्थिति में मेडिकल स्ट्रेचर ले जाने के लिए जगह, व्हीलचेयर के लिए भी स्थान
- * लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन (एलटीई) पर हाइब्रिड लेवल-3 के साथ यूरोपीय ट्रेन नियंत्रण प्रणाली (ईटीसीएस) लेवल 2 सिग्नलिंग
मेरठ मेट्रो तस्वीरें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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मेरठ के लिए कौन सी मेट्रो जाती है?
मेरठ के लिए न्यू अशोक नगर (दिल्ली) से रैपिड मेट्रो आनंद विहार, साहिबाबाद, ग़ाज़ियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ ,और मोदीनगर नार्थ से होते हुए मेरठ साउथ (मेरठ) तक चल रही है और जल्द ही मेरठ में मेट्रो ट्रेन भी दौड़ेगी।
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क्या हम मेट्रो से दिल्ली से मेरठ जा सकते हैं?
हा, रैपिड मेट्रो (नमो भारत ट्रेन) से दिल्ली से मेरठ जा सकते हैं, यह अभी न्यू अशोक नगर, दिल्ली से मेरठ साउथ, मेरठ तक चल रही हैं।
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क्या मेरठ में मेट्रो है?
नहीं, अभी मेरठ में मेट्रो नहीं है, लेकिन मेरठ में रैपिड मेट्रो ट्रेन है, जो मेरठ से दिल्ली के लिए हर रोज चल रही हैं
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दिल्ली मेरठ मेट्रो का टिकट प्राइस कितना है?
दिल्ली मेरठ मेट्रो का न्यूनतम किराया 20 और अधिकतम किराया 255 रुपए है, यह अभी मेरठ साउथ स्टेशन से न्यू अशोक नगर, दिल्ली तक चल रही है।
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मेरठ मेट्रो कब तक चलेगी?
मेरठ में मेट्रो, जून 2025 तक चलने की उम्मीद है।
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मेट्रो ट्रेन का चार्ज कितना है?
दिल्ली से मेरठ मेट्रो ट्रेन का न्यूनतम चार्ज 20 और अधिकतम चार्ज 255 रुपए है, यह अभी मेरठ साउथ स्टेशन से न्यू अशोक नगर, दिल्ली तक चल रही है।
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क्या दिल्ली से मेरठ मेट्रो चल रही है?
हाँ, दिल्ली से मेरठ रैपिड मेट्रो ट्रेन चल रही हैं, जिससे आप मात्र 37 मिनट में दिल्ली से मेरठ या मेरठ से दिल्ली तक पहुंच सकते हैं।














