नौचन्दी मेला उत्तर प्रदेश के प्रमुख और प्रसिद्ध मेलों में से एक है, जो हर वर्ष मेरठ में आयोजित किया जाता है। यह मेला मेरठ की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक है। ऐतिहासिक दृष्टि से भी यह मेला हिंदू-मुस्लिम एकता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। नवचण्डी देवी (नौचन्दी देवी) का मंदिर और हज़रत बाले मियां की दरगाह पास-पास स्थित हैं। मेले के दौरान मंदिर में भजन-कीर्तन गूंजते हैं, वहीं दरगाह पर कव्वालियों की सुमधुर आवाज़ सुनाई देती है। मंदिर की घंटियों और मस्जिद की अज़ान की सम्मिलित ध्वनि एक सांप्रदायिक सौहार्द और आध्यात्मिक एकता की अनूठी मिसाल पेश करती है।
मेरठ में 26 मई से लग गया नौचंदी मेला, देखें फोटोज और वीडियो – Meerut Nauchandi Mela 2025
साल 2025 का नौचंदी मेला पहले 1 मई के आस पास लगना था, लेकिन तैयारी पूरी नहीं होने की वजह से इसे नहीं लगाया जा सका और 10 से 15 मई के बीच का समय रखा गया, लेकिन इंडिया और पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण इसे एक बार फिर आगे बढ़ा दिया गया और इसकी तारीख इस बार 20 मई रखी गयी। 21 मई को आये तूफान के कारण इसकी शुरुआत नहीं हो सकी और अब 26 मई से इसकी शुरुआत हो चुकी हैं।
Meerut Nauchandi Mela 2025- नौचंदी मेले का इंतजार आखिर खत्म हुआ और 26 मई को पटेल मंडप में नगर निगम की ओर से माता की चौकी का आयोजन किया गया, जिसमे मुख्य अथिति प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह से मेले में ज्योति प्रज्वलित करायी गयी और मेले का शुभारम्भ किया गया। इससे पहले मेरठ में नौचंदी मेले का उदघाटन 23 मार्च, रविवार को पारंपरिक तरीके से किया गया था, जिसमें अधिकारियों ने पूजा अर्चना के उपरांत रिबन काटकर मेले का उद्घाटन किया। रिबन काटने के बाद कबूतर उड़ाए गए और सफ़ेद गुब्बारे आसमान में छोड़े गए।
नौचन्दी मेला कहाँ लगता हैं – Nauchandi Mela Kahan Lagta Hai
नौचन्दी मेला प्रत्येक वर्ष नौचन्दी मैदान में लगता है, जो मेरठ में गढ़ रोड पर स्थित हैं, इस मेले को देखने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं। नौचंदी मेला लगने के लगभग एक माह तक चलता है। नौचन्दी मेले के नाम से यहां एक ट्रेन भी चलती है नौचन्दी एक्सप्रेस। यह मेरठ को राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाली एकमात्र ट्रेन है।
नौचंदी मेला 2025 कार्यक्रम
| तारीख | कार्यक्रम | समय |
|---|---|---|
| 1 जून 2025 | सुगम संगीत | रात 7:30 से 10:00 बजे तक |
| 2 जून 2025 | सीरत कांफ्रेंस | रात 5:30 से 7:30 बजे तक |
| 3 जून 2025 | सांस्कृतिक लोक नृत्य | रात 7:30 से 10:00 बजे तक |
| 4 जून 2025 | लोकगीत, नृत्य | रात 7:30 से 10:00 बजे तक |
| 5 जून 2025 | भजन संध्या | रात 7:30 से 10:00 बजे तक |
| 6 जून 2025 | सांस्कृतिक कार्यक्रम कथक नृत्य | रात 6:00 से 7:30 बजे तक रात 8:00 से 10:00 बजे तक |
| 7 जून 2025 | कवि सम्मेलन | रात 7:00 से 10:00 बजे तक |
| 8 जून 2025 | गजल कार्यक्रम | रात 7:00 से 10:00 बजे तक |
| 9 जून 2025 | बालीवुड नाइट | रात 7:30 से 10:00 बजे तक |
| 10 जून 2025 | लोक संध्या | रात 7:30 से 10:00 बजे तक |