उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पीएम मोदी की “राहवीर योजना” को मई के आखिरी सप्ताह में अपने प्रदेश में भी लागू कर दिया हैं। यह उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ा और अहम फैसला है, इससे अब सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को फौरन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के मकसद को पूरा किया जायेगा। चलिए जानते हैं की राहवीर योजना क्या है – Rahveer Yojana Kya Hai in Hindi
राहवीर योजना क्या है – Rahveer Yojana Kya Hai in Hindi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई “राहगीर योजना” का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानवता के आधार पर सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की सहायता करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि उन्हें समय पर इलाज मिल सके और कीमती जानें बचाई जा सकें। अक्सर देखा गया है कि सड़क हादसों के बाद लोग पीड़ितों की मदद करने से डरते या हिचकिचाते हैं, जिससे उन्हें आवश्यक उपचार समय पर नहीं मिल पाता। राहवीर योजना इसी सोच में बदलाव लाने और आम नागरिकों को ऐसे संकट के समय में मदद के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
Rahveer Yojana Kya Hai in Hindi- राहवीर योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना हैं, जो अब उत्तर प्रदेश में भी लागु कर दी गयी हैं। राहवीर स्कीम के तहत, अगर कोई नागरिक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को “गोल्डन” ऑवर यानी घटना के 1 घंटे के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाता है, तो उसे सरकार की ओर से 25,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। घायल को सीधे अस्पताल पहुंचाने पर अस्पताल द्वारा पुलिस को सूचना दी जाएगी और इसकी एक प्रति उस नागरिक को भी सौंपी जाएगी। पुलिस कलेक्टर को भी इस संबंध में पत्र लिखेगी और इसके बाद परिवहन विभाग द्वारा मददगार के बैंक खाते में सीधे राशि ट्रांसफर की जाएगी।
यह योजना अब पूरे उत्तर प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू कर दी गई हैं, जिसमें राजधानी लखनऊ है और आपका मेरठ शहर भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि इस योजना के लागू होने से घायलों को बेहतर समय पर चिकित्सा सुविधा मिल पाएगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में कमी आएगी। यह पहल न केवल घायलों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी, बल्कि समाज में सहायता और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देगी।
राहवीर स्कीम की प्रमुख शर्ते – Rahveer Scheme in Hindi
राहवीर योजना का लाभ उठाने के लिए शर्तें:
- मदद करने वाला व्यक्ति घायल का रिश्तेदार या परिवार का सदस्य नहीं होना चाहिए।
- यह कार्य स्वेच्छा से किया जाना चाहिए, न कि किसी लाभ या दबाव के कारण।
- हॉस्पिटल पहुंचाने की सूचना और सहायता के पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे, जैसे:
- अस्पताल की रिपोर्ट
- गवाह का बयान
- यदि एक से अधिक व्यक्ति मिलकर मदद करते हैं, तो इनाम की राशि सभी के बीच समान रूप से बांटी जाएगी।