नए साल के स्वागत में मेरठ के लोगों ने शराब की खपत में नया रिकॉर्ड बना दिया। 31 दिसंबर और 1 जनवरी के बीच शहर में लगभग 11 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले साल की तुलना में 4 करोड़ रुपये अधिक है। इस रिकॉर्ड बिक्री से सरकार के राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में नए साल के मौके पर मेरठ में शराब की बिक्री लगभग 7 करोड़ रुपये रही थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा सीधे 11 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। केवल शराब पर ही लोगों ने करोड़ों रुपये खर्च किए, जबकि सजावट, होटल बुकिंग और अन्य आयोजनों पर हुए खर्च का कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
दिसंबर माह में 96 करोड़ रुपये की शराब बिक्री
जिला आबकारी विभाग के अनुसार, पूरे दिसंबर माह में मेरठ में कुल 96 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई है। वहीं, पिछले वर्ष दिसंबर में यह आंकड़ा 84 करोड़ रुपये था। इस तरह महीनेभर में ही 12 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिक्री दर्ज की गई है। 31 दिसंबर की रात शहर के अधिकांश होटलों और क्लबों में न्यू ईयर पार्टियों का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने शराब का सेवन किया। होटल पार्टियों में विशेष पैकेज, डीजे नाइट और डिनर के साथ शराब परोसी गई, जिससे बिक्री में तेजी आई।
जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि 31 दिसंबर की रात से लेकर 1 जनवरी तक करीब 12 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई है। उन्होंने कहा कि इस अवधि के लिए विभाग ने 30 अस्थायी लाइसेंस शराब परोसने के लिए जारी किए थे, ताकि नववर्ष समारोह के दौरान मांग को नियंत्रित किया जा सके। जिला आबकारी अधिकारी के अनुसार, मेरठ में वर्तमान में—
- 186 कंपोजिट शराब दुकानें
- 189 देसी शराब की दुकानें
- 7 मॉडल शॉप्स
- 25 बार
संचालित हैं। नए साल के दौरान इन सभी स्थानों पर शराब की बिक्री दर्ज की गई, जिससे कुल राजस्व में भारी इजाफा हुआ। जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार का कहना है कि त्योहारी सीजन और विशेष अवसरों पर शराब की खपत स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। इससे न केवल बाजार में मांग बढ़ती है, बल्कि सरकार को भी राजस्व का बड़ा फायदा होता है। नए साल के इस जश्न ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेरठ में उत्सव का मतलब सिर्फ उत्साह ही नहीं, बल्कि रिकॉर्ड तोड़ खपत और राजस्व वृद्धि भी है।