गाजियाबाद अब आधुनिक शहरी ढांचे की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। जिस प्रकार हवाई अड्डों पर ट्रैवलेटर यात्रियों को लंबी दूरी कुछ ही सेकंड में तय करने की सुविधा प्रदान करते हैं, उसी अनुभव का लाभ अब शहर के बीचों-बीच भी मिलेगा। नमो भारत (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) के गाजियाबाद स्टेशन को दिल्ली मेट्रो के शहीद स्थल—न्यू बस अड्डा स्टेशन से जोड़ने के लिए निर्मित किया जा रहा फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) इस दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित होने वाला है।
लगभग 300 मीटर लंबा और 6.5 मीटर चौड़ा यह हाईटेक एफओबी दोनों स्टेशनों के बीच एक सुरक्षित, सुगम और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसकी विशेषता है—एयरपोर्ट जैसी सुविधा देने वाले ट्रैवलेटर, जो यात्रियों की थकान कम करने के साथ यात्रा को आरामदायक और तेज गति वाला बनाएंगे।
ट्रैवलेटर से लैस हाईटेक कनेक्टिविटी: यात्रियों को मिलेगा विश्वस्तरीय अनुभव
एयरपोर्ट की तरह चलते-चलते स्वतः आगे ले जाने वाले ट्रैवलेटर अब गाजियाबाद के इस व्यस्त ट्रांज़िट हब में भी लगने वाले हैं। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स के अनुसार, यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए एफओबी पर कुल 14 ट्रैवलेटर लगाने की योजना है—
- 7 ट्रैवलेटर नमो भारत स्टेशन से दिल्ली मेट्रो की दिशा में
- 7 ट्रैवलेटर दिल्ली मेट्रो से नमो भारत स्टेशन की ओर
इन ट्रैवलेटरों की स्थापना हेतु हाल ही में निविदाएँ भी आमंत्रित की गई हैं। उद्देश्य है कि यात्रियों को भीड़भाड़ वाले मार्गों पर लंबी दूरी तक पैदल चलने की आवश्यकता न पड़े और वे आसानी से, बिना थकान, दोनों स्टेशनों के बीच आवाजाही कर सकें।एफओबी का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, अब लगेगी ट्रैवलेटर और PEB छत
यह फुट ओवर ब्रिज नमो भारत स्टेशन के ग्राउंड फ्लोर से एक स्तर ऊपर से आरंभ होकर मेट्रो स्टेशन के कांकॉर्स लेवल तक पहुंचता है।
- सिविल कार्य अधिकांशतः पूरा हो चुका है
- वर्तमान में फिनिशिंग कार्य तेज़ी से चल रहा है
- आगे चलकर एफओबी पर ट्रैवलेटर लगाए जाएंगे
- इसके पश्चात PEB (Pre-Engineered Building) संरचना के तहत छत निर्माण का कार्य पूरा किया जाएगा
इन सभी कार्यों के पूरा होने के बाद यह एफओबी यात्रियों के लिए पूर्णतः अत्याधुनिक, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा मार्ग प्रदान करेगा।
जाम और भीड़भाड़ से मिलेगी मुक्ति, यात्रियों के लिए बनेगा ‘वरदान’
अक्सर देखा जाता है कि परिवहन साधनों को बदलने के दौरान यात्रियों को भारी भीड़, ट्रैफिक और लंबी पैदल दूरी का सामना करना पड़ता है। ई-रिक्शा और अन्य साधनों की भीड़ भी जाम उत्पन्न करती है।
इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए एनसीआरटीसी शहर के प्रमुख स्टेशनों पर ऐसे फुट ओवर ब्रिजों का निर्माण कर रहा है, जिनकी मदद से—
- यात्री बिना सड़क पर उतरे सीधे एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंच सकेंगे
- भीड़भाड़ वाली मुख्य सड़कों को सुरक्षित रूप से पार कर सकेंगे
- ट्रैफिक जाम की स्थिति में सुधार होगा
- महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों तथा अधिक सामान के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी
इस प्रकार, यह एफओबी यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ शहर की शहरी यातायात व्यवस्था को भी सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मेरठ–दिल्ली यात्रियों को बड़ी राहत: मल्टीमॉडल इंटरचेंज होगा और आसान
नमो भारत के गाजियाबाद स्टेशन से दिल्ली मेट्रो के शहीद स्थल स्टेशन तक लगभग 300 मीटर लंबा यह ब्रिज मेरठ से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा। अभी तक यात्रियों को ई-रिक्शा या अन्य साधनों से एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक जाना पड़ता था, परंतु ट्रैवलेटर लगने के बाद—
- सामान ले जाना सरल और तेज होगा
- स्टेशन बदलने की परेशानी खत्म होगी
- सीधे, आरामदायक और समय बचाने वाली कनेक्टिविटी मिलेगी
यह एफओबी एक मल्टीमॉडल इंटरचेंज के रूप में कार्य करेगा, जिससे यात्री बिना स्टेशन परिसर से बाहर निकले ही विभिन्न परिवहन साधनों के बीच आसानी से स्विच कर सकेंगे।
एनसीआरटीसी ने पहले ही सराय काले खां के नमो भारत स्टेशन को निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाले 280 मीटर लंबे एफओबी पर 6 ट्रैवलेटर स्थापित किए हैं।
इससे—
- बुजुर्गों, दिव्यांगों और भारी सामान लेकर यात्रा करने वालों को बड़ी राहत मिली
- तेज, सुगम और तनावमुक्त कनेक्टिविटी संभव हुई
गाजियाबाद का नया एफओबी भी इसी आधुनिक मॉडल पर तैयार किया जा रहा है, लेकिन यह आकार में बड़ा और और अधिक सुविधाजनक होगा।