दिल्ली–मेरठ रूट पर चलने वाली नमो भारत ट्रेन लगातार यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही है। लोकप्रियता के साथ भीड़ भी तेजी से बढ़ी है, खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई यात्रियों को सीट तो दूर, ट्रेन में चढ़ना भी मुश्किल हो रहा है। यात्रियों ने मांग उठाई है कि ट्रेनों में कोच बढ़ाए जाएँ और व्यस्त समय में चलने का अंतराल कम किया जाए, ताकि सफर सुगम हो सके।
कोच कम, भीड़ ज़्यादा: यात्री बोले—कम से कम दो कोच और जोड़ें
वर्तमान में नमो भारत ट्रेन में कुल छह कोच हैं—
- एक महिला आरक्षित कोच,
- एक प्रीमियम कोच,
- और चार सामान्य कोच, जिनमें सबसे अधिक भीड़ उमड़ती है।
नियमित यात्रियों का कहना है कि चार सामान्य कोच मौजूदा यात्री संख्या के मुकाबले अपर्याप्त हैं। इसलिए कम से कम दो अतिरिक्त कोच जोड़े जाने चाहिए, ताकि लगातार बढ़ रही भीड़ को मैनेज किया जा सके। इसके साथ ही, 10 मिनट के अंतराल पर चलने वाली ट्रेन सेवा को पाँच मिनट या उससे भी कम पर लाने की मांग तेज़ होती जा रही है।
मिनटों में फुल हो जाती है नमो भारत
आनंद विहार से मेरठ साउथ का किराया 130 रुपये है। वहीं नई दिल्ली से मेरठ कैंट का शटल किराया मात्र 20 रुपये है। अगर जनशताब्दी से आते हैं तो 85 और एक्सप्रेस ट्रेन में 45 रुपये देने होते हैं। अधिकांश यात्रियों ने मासिक पास बनवा रखे हैं, जिसका शुल्क 355 रुपये है। दैनिक यात्री तरुण मेहता ने बताया कि ठंड में समय से घर पहुंचने की जल्दी रहती है। काफी यात्री आसपास के कस्बों में जाते हैं। ऐसे में शटल लेट होने से मवाना, सरधना, पल्लवपुरम और जागृति विहार जाने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
एनसीआरटीसी का आश्वासन—फ्रीक्वेंसी तीन मिनट तक लाई जा सकती है
एनसीआरटीसी ने बताया कि पहले ट्रेनें 15 मिनट के अंतराल पर चल रही थीं, जिसे अब 10 मिनट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि यात्री संख्या और बढ़ती है, तो अंतराल को तीन मिनट तक भी कम किया जा सकता है। साथ ही, कोच बढ़ाने पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा।