मेरठ में रैपिड रेल परियोजना के तहत रिठानी और परतापुर स्टेशन के बीच बिछाया गया करीब 805 मीटर लंबा कॉपर तार चोरी हो गया। इस तार की कीमत लगभग 37 लाख रुपये बताई गई है। यह चोरी 11 फरवरी 2025 की रात को हुई थी। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई थी, लेकिन तीन महीने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब कंपनी के सेफ्टी ऑफिसर हंसराज गुर्जर ने एसएसपी डॉ. विपिन ताडा से शिकायत की, तब जाकर पुलिस ने शनिवार रात को अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज किया।
हंसराज गुर्जर ने बताया कि उनकी कंपनी हाईटेक इरेक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड है, जो रैपिड रेल के लिए केबल बिछा रही है। चोरी की घटना के अगले दिन उन्होंने परतापुर थाने में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया।
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अब थाना प्रभारी दलीप बिष्ट का कहना है कि मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और जल्द ही चोरों को पकड़ने की बात कह रही है। सरकार की ओर से रैपिड रेल को जल्द शुरू करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन चोरी जैसी घटनाएं इन प्रयासों में बाधा बन रही हैं।
मेरठ मेट्रो और नमो भारत कॉरिडोर की अपडेट
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की कुल लंबाई 82 किलोमीटर है, जिसमें 16 नमो भारत स्टेशन शामिल हैं। इसी खंड पर मेरठ साउथ से आगे मोदीपुरम डिपो तक 23 किलोमीटर में 13 स्टेशनों के साथ मेरठ मेट्रो का संचालन होगा। मेरठ मेट्रो से सभी स्टेशनों पर रुकते हुए ये दूरी लगभग 30 मिनट में पूरी हो जाएगी। मेरठ साउथ के बाद नमो भारत ट्रेन शताब्दी नगर, बेगमपुल (अंडरग्राउंड) और मोदीपुरम पर रुकेगी।
मेरठ मेट्रो के लिए मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम और मोदीपुरम डिपो स्टेशन हैं। इनमें से मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो, दोनों की सुविधा मिलेगी। मेरठ सेंट्रल, भैसाली और बेगमपुल अंडरग्राउंड स्टेशन हैं, बाकी स्टेशन एलिवेटेड हैं। मोदीपुरम डिपो एट-ग्रेड स्टेशन है।