22 फरवरी को प्रधानमंत्री द्वारा नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किए जाने के बाद पहले ही दिन बड़ी संख्या में यात्री दोनों सेवाओं का अनुभव लेने पहुंचे। लोग उत्साह में एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक सफर करने पहुंचे, लेकिन कई यात्री संचालन से जुड़े नियमों से अनजान रहे, जिसके कारण उन्हें पेनाल्टी का सामना करना पड़ा।
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कई मामलों में यात्री तय समय सीमा से अधिक देर तक स्टेशन परिसर के अंदर रुके रहे। जब उन्होंने बाहर निकलते समय अपने क्यूआर कोड को स्कैन किया तो सिस्टम ने उसे रिजेक्ट कर दिया और ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करने का संदेश प्रदर्शित हुआ। इसके बाद यात्रियों को नियमों की जानकारी देकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर बाहर निकाला गया।
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, यदि कोई यात्री टिकट लेकर क्यूआर कोड स्कैन कर एक ही स्टेशन से प्रवेश और निकास करता है, तो उसे 20 मिनट के भीतर स्टेशन से बाहर निकलना अनिवार्य है। निर्धारित समय से अधिक रुकने पर 60 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से पेनाल्टी देनी होगी। वहीं, यदि प्रवेश और निकास अलग-अलग स्टेशनों से होता है, तो यात्रा 180 मिनट (तीन घंटे) के भीतर पूरी करनी होगी। इस सीमा से अधिक समय होने पर भी 60 रुपये प्रति घंटे की दर से पेनाल्टी लागू होगी।
इसके अतिरिक्त, यदि यात्री ने किसी विशेष स्टेशन तक का टिकट लिया है लेकिन वह उससे आगे वाले स्टेशन तक चला जाता है, तो उसे किराए का अंतर (डिफरेंस ऑफ फेयर) जमा करना होगा। भुगतान करने के बाद ही वह स्टेशन से बाहर निकल सकेगा। हालांकि इस स्थिति में पेनाल्टी नहीं लगाई जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये नियम नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों पर समान रूप से लागू हैं।