मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट का मामला पिछले कुछ दिनों में शहर की सबसे बड़ी चर्चाओं में शामिल रहा है। दुकानों के सील होने से लेकर बड़े स्तर पर अवैध निर्माण पर कार्रवाई तक, इस पूरे प्रकरण ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—खासकर यह कि आखिर इसकी असली वजह क्या है।
क्या हुआ था पहले? (अब तक की स्थिति)
सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कड़ा रुख अपनाते हुए 44 आवासीय भूखंडों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने और निर्माण को सील करने का आदेश दिया था। इस कार्रवाई के दायरे में:
- 6 स्कूल
- 6 अस्पताल
- 4 बैंक्वेट हॉल
- कई शोरूम और दुकानें
शामिल थीं।
कोर्ट की पीठ (न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन) ने साफ कहा था कि आवासीय क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ अवैध हैं, बल्कि लोगों—खासकर बच्चों और मरीजों—की सुरक्षा के लिए खतरा भी हैं। शुरुआत में 24 घंटे का समय दिया गया था, लेकिन व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए इसे 9 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया। इस दौरान प्रशासन ने सीलिंग की कार्रवाई पूरी की।
10 अप्रैल का बड़ा अपडेट
10 अप्रैल को मामले में और भी बड़ा फैसला सामने आया।
सुप्रीम कोर्ट ने:
- 859 अवैध सेटबैक निर्माण दो महीने में तोड़ने का आदेश दिया
- सेंट्रल मार्केट की 44 संपत्तियों को सील करने की पुष्टि की
- प्रशासन की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि: “कानून का शासन किसी भी दबाव या जनभावनाओं के आगे नहीं झुक सकता।”
साथ ही यह भी कहा गया कि: सेटबैक (इमारत के चारों ओर छोड़ी जाने वाली अनिवार्य जगह) पर किया गया निर्माण किसी भी हालत में वैध नहीं हो सकता, नोटिस देने के बाद भी अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन खुद तोड़फोड़ करेगा, खर्च भी संबंधित संपत्ति मालिकों से वसूला जाएगा ।
प्रशासन और विरोध
इस कार्रवाई को लागू करने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद पर थी, जिसने 8 अप्रैल से सीलिंग शुरू की।
हालांकि:
- व्यापारियों ने इसका विरोध किया
- कई जगहों पर कड़ा प्रतिरोध देखने को मिला
- शहर बंद तक रखा गया
कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि: आखिर इन अवैध संस्थानों को अनुमति दी किसने?
असली मुद्दा क्या है?
पूरा मामला एक ही चीज़ पर केंद्रित है—आवासीय भूखंडों पर अवैध व्यावसायिक गतिविधि और सेटबैक नियमों का उल्लंघन। यह केवल मेरठ का मुद्दा नहीं है, बल्कि कोर्ट के अनुसार यह पूरे देश के लिए एक चेतावनी है कि अगर समय रहते नियमों का पालन नहीं किया गया, तो हालात ऐसे ही बनेंगे।
अब सवाल आपसे 👇
सेंट्रल मार्केट में दुकानों के सील होने की असली वजह कौन है – Why Central Market Sealed in Meerut
A) वहाँ के व्यापारी
B) आवास विकास परिषद्
C) राजनीतिक पार्टी
D) सुप्रीम कोर्ट