पहाड़ी क्षेत्रों से चल रही ठंडी और बर्फीली हवाओं के प्रभाव से गुरुवार को मेरठ के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला। दिन और रात दोनों के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ गया। रात के समय न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया, जिसने लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया।
हवा की गति धीमी रहने के कारण गुरुवार की सुबह शहर घने कोहरे की चादर में लिपटी रही। दृश्यता बेहद कम होने से आम जनजीवन के साथ-साथ यातायात भी प्रभावित हुआ। मेरठ ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आने वाले कुछ दिनों तक ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण सर्दी में और इजाफा होने के आसार हैं।
तापमान में और गिरावट से बन सकते हैं अत्यधिक सर्द दिन
मौसम विभाग के अनुसार, जिस गति से ठंड बढ़ रही है, उसे देखते हुए दिन का तापमान जल्द ही 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो मेरठ में सर्द से अत्यधिक सर्द दिन जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। पहाड़ों पर सक्रिय नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भी सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है।
गुरुवार को मेरठ में अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह दोनों ही तापमान सामान्य से क्रमशः 2.8 और 2.2 डिग्री सेल्सियस कम रहे। बुधवार की तुलना में दिन के तापमान में 5.1 डिग्री और रात के तापमान में 5.8 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट रिकॉर्ड की गई। खास बात यह रही कि बुधवार की रात मेरठ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर भी रहा।
ठंड और कोहरे से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त
लगातार बढ़ रही ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही कठिन हो गई है, वहीं रेल और सड़क परिवहन पर भी असर पड़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट हो सकती है।
इसके साथ ही रात के समय कुछ इलाकों में पाला पड़ने की भी आशंका जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है।
प्रदेश का छठा सबसे प्रदूषित शहर रहा मेरठ
गुरुवार को मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 237 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इस आंकड़े के साथ मेरठ उत्तर प्रदेश का छठा सबसे प्रदूषित शहर रहा। हैरानी की बात यह रही कि दिल्ली की तुलना में गुरुवार को मेरठ की हवा अधिक खराब पाई गई।
हालांकि, देशभर के शीर्ष-10 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों की सूची में गुरुवार को मेरठ शामिल नहीं रहा। कोहरे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है और सड़कों पर चलने वाले वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगवाए जा रहे हैं, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
गुरुवार को वायु गुणवत्ता के मामले में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों की स्थिति खराब बनी रही।
गाजियाबाद में AQI 280,
मुजफ्फरनगर में 274,
ग्रेटर नोएडा में 268,
बागपत में 261,
नोएडा में 256,
मेरठ में 237 और
दिल्ली में 234 दर्ज किया गया।
स्रोत : केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB)
ठंड और प्रदूषण से बढ़ा सांस व निमोनिया का खतरा
तेजी से बढ़ रही ठंड और प्रदूषण के चलते स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों में निमोनिया और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है।
मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों को ठंड से बचाव, मास्क के प्रयोग और सुबह-शाम अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।