NCRTC ने चलाया अभियान अवैध प्रचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ भेजा जाएगा नोटिस

नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने नमो भारत कॉरिडोर के पिलरों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध रूप से पोस्टर, बैनर या प्रचार सामग्री चिपकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। अब यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस तरह की गतिविधियों में लिप्त पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एनसीआरटीसी ने नमो भारत कॉरिडोर पर अवैध पोस्टर और ब्रांडिंग के खिलाफ शुरू किया विशेष अभियान

एनसीआरटीसी द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत गाजियाबाद में नमो भारत कॉरिडोर (Namo Bharat Corridor) के 300 से अधिक पिलर्स से अवैध पोस्टर, बैनर और अन्य प्रचार सामग्री हटाई जा चुकी है। और अब यह अभियान कॉरिडोर के अन्य हिस्सों में भी विस्तारित किया जा रहा है| यह अभियान इस कॉरिडर की स्वच्छता, संरचनात्मक सुंदरता और सार्वजनिक गरिमा को बनाए रखने की दिशा में एनसीआरटीसी द्वारा उठाया गया एक अहम कदम है|

एनसीआरटीसी की संपत्तियाँ सार्वजनिक संपत्ति के अंतर्गत आती हैं, और इन पर अवैध रूप से पोस्टर चिपकाना, दीवारों को गंदा करना या किसी भी रूप में नुकसान पहुँचाना न केवल एक सामाजिक अपराध है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय भी है। ऐसे मामलों में दोषी पाए गए व्यक्तियों या संस्थानों पर जुर्माना लगाया जा सकता है और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, अवैध प्रचार करने वालों की पहचान कर उन्हें कानूनी नोटिस भेजे जा रहे हैं, और यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

NCRTC सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे ऐसी गतिविधियों से बचें और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें। सार्वजनिक अवसंरचना किसी एक संस्था की नहीं, बल्कि समाज की साझी पूंजी होती है, और इसे स्वच्छ, सुरक्षित और संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

एनसीआरटीसी (NCRTC) का लक्ष्य केवल यात्रियों को आधुनिक, सुविधाजनक और सुरक्षित परिवहन सेवा उपलब्ध कराना ही नहीं है, बल्कि एक स्वच्छ और गरिमामय सार्वजनिक वातावरण सुनिश्चित करना भी है। इस प्रयास में आमजन का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।


एनसीआरटीसी कौन हैं?

नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) भारत सरकार और उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा तथा दिल्ली एनसीटी की राज्य सरकारों की 50:50 साझेदारी वाली कंपनी है। इसकी वित्तीय संरचना निम्नलिखित है: केंद्र सरकार द्वारा कुल 50% योगदान दिया जाता है, जिसमें आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और रेलवे मंत्रालय द्वारा प्रत्येक 22.5% तथा नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड द्वारा 5% भागीदारी होती है। वहीं, शेष 50% भागीदारी राज्य सरकारों के बीच समान रूप से बांटी गई है, जिसमें एनसीटी दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों द्वारा प्रत्येक 12.5% योगदान शामिल है। यह साझेदारी मॉडल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के विकास को एकजुट और संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करता है।

Photo of author
लेखक
Meerut Metro Guy
UPMRC और NCRTC जल्द ही मेरठ मेट्रो शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इस परियोजना की शुरुआत 2016 में हुई थी। वेबसाइट (www.meerutmetro.in) और इसके सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म निजी तौर पर बनाए गए हैं और इनका किसी भी सरकारी प्राधिकरण या संगठन से कोई आधिकारिक संबंध या संबद्धता नहीं है, न ही यह किसी भी तरह से उनमें से किसी के द्वारा समर्थित है। हम, meerutmetro.in वेबसाइट के संस्थापक, मेरठ मेट्रो और दिल्ली मेरठ RRTS परियोजना के बारे में सबसे अच्छी सामग्री प्रदान करने के लिए यहाँ हैं। हमारी जानकारी के अनुसार, वेबसाइट/सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर दी गई सभी जानकारी सही है।

Leave a Reply