मेरठ के सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने छह सप्ताह के भीतर सभी अवैध निर्माणों को गिराने के आदेश देते हुए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।
सेंट्रल मार्केट से जुड़ी याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आवासीय भवनों में किसी भी तरह की अवैध व्यावसायिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने निर्देश दिया कि छह सप्ताह के भीतर सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर इसकी अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की जाए। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने राज्य सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि संसाधनों की कोई कमी नहीं है, अब उनका उपयोग किया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि वह अपने पहले दिए गए आदेश में किसी प्रकार का बदलाव नहीं करेगी।
अदालत ने अवैध निर्माणों के नियमितीकरण से जुड़े सभी अनुरोधों को भी खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान व्यापारियों के हितों का हवाला देते हुए अवैध निर्माणों को वैध करने की मांग रखी गई, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने दो टूक कहा कि नियमों का उल्लंघन कर किए गए निर्माणों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं दिया जा सकता।
मामले की सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि छह सप्ताह की तय समय-सीमा के भीतर सभी अवैध निर्माणों को गिराया जाना अनिवार्य है। इसके बाद ध्वस्तीकरण से संबंधित पूरी अनुपालन रिपोर्ट याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में दाखिल की जानी होगी। इस अहम सुनवाई के दौरान सेंट्रल मार्केट के कई व्यापारी भी अदालत में मौजूद रहे और फैसले का बेसब्री से इंतजार करते नजर आए।
सेंट्रल मार्केट को बाजार स्ट्रीट बनाने की योजना
इसी बीच आवास आयुक्त ने सेंट्रल मार्केट को बाजार स्ट्रीट के रूप में विकसित करने की योजना के तहत 15 दिनों के भीतर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। विभाग की 274वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार 36 मीटर चौड़ी सड़क पर दो, 24 मीटर सड़क पर एक, 18 मीटर चौड़ी सड़क पर 50 और 12 मीटर चौड़ी सड़क पर 27 भूखंडों का व्यावसायिक और मिश्रित भू-उपयोग किया जाना है।
इच्छुक व्यक्ति वास्तुविद नियोजक, वास्तुकला तथा नियोजन अनुभाग, नीलगिरी कॉम्प्लेक्स, इंदिरा नगर, लखनऊ स्थित कार्यालय में लिखित रूप में या ई-मेल cap@upavp.com के माध्यम से अपनी आपत्ति और सुझाव 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत कर सकते हैं।
सेंट्रल मार्केट को बाजार स्ट्रीट बनाने की योजना
शहर के पुराने इलाकों, जैसे लाला का बाजार, खैर नगर और वैली का बाजार,में 100 साल से अधिक पुराने मकानों में बन रहे अवैध कॉम्प्लेक्स के मामले में भी एक याचिका हाईकोर्ट में लंबित है। आरटीआई कार्यकर्ता मनोज चौधरी की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी लेकिन मामला आगे बढ़ गया। मनोज चौधरी ने बताया कि अब इस मामले में 3 फरवरी को अदालत में अगली सुनवाई तय की गई है।