दिल्ली से मेरठ के बीच रोज़ाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। 1 अप्रैल 2026 से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर यात्रा करना महंगा होने जा रहा है। टोल दरों में करीब 5% की बढ़ोतरी की जाएगी, जो 31 मार्च की रात 12 बजे से लागू हो जाएगी।
1 अप्रैल से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बढ़ेगा टोल – Delhi Meerut Expressway Increased Toll Price
नई दरों के लागू होने के बाद यात्रियों को थोड़ा ज्यादा खर्च करना पड़ेगा:
- निजी चार पहिया वाहन (कार, जीप, वैन) – 175 (सिंगल) – 265 (रिटर्न)
- हल्के व्यवसायिक वाहन / मिनी बस – 285 (सिंगल) – 425 (रिटर्न)
- बस या ट्रक (2 एक्सल) – 595 (सिंगल) – 890 (रिटर्न)
- मल्टी एक्सल वाहन (3 एक्सल) – 645 (सिंगल) – 970 (रिटर्न)
- भारी वाहन (4 से 6 एक्सल) – 930 (सिंगल) – 1395 (रिटर्न)
- ओवरसाइज वाहन (7+ एक्सल) – 1130 (सिंगल) – 1700 (रिटर्न)
इसके अलावा, एनुअल फास्टैग पास की कीमत भी ₹3000 से बढ़कर ₹3075 हो जाएगी।
👉 यानी अगर आप रोज़ इस रूट पर ट्रैवल करते हैं, तो यह बदलाव आपके मासिक बजट पर सीधा असर डालेगा।
1 अप्रैल से पूरी तरह कैशलेस होगा काशी टोल प्लाजा – Cashless Kashi Toll Plaza
काशी टोल प्लाजा पर अब कैश पेमेंट पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। अब आपके पास केवल ये विकल्प होंगे:
- FASTag के जरिए ऑटोमैटिक पेमेंट
- UPI (बारकोड स्कैन करके)
⚠️ ध्यान देने वाली बात:
- बिना FASTag या UPI के टोल पार करना संभव नहीं होगा
- एंड्रॉयड मोबाइल रखना लगभग जरूरी हो जाएगा
हाईटेक ट्रैफिक सिस्टम: हर मूवमेंट पर नजर
एक्सप्रेसवे को अब और स्मार्ट और सुरक्षित बनाया जा रहा है:
- हर 500 मीटर पर CCTV कैमरे
- ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम
- स्पीड डिटेक्शन कैमरे
- काशी टोल पर नया कंट्रोल रूम
👉 ये सिस्टम गाड़ियों की पहचान करके खुद ही टोल काट लेंगे, जिससे रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बेहतर लाइटिंग और सुरक्षा की नई व्यवस्था
यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए:
- हर 20 मीटर पर पोल लगाए जा रहे हैं
- पोल पर सोलर पैनल और LED लाइट्स होंगी
- रात में पूरा एक्सप्रेसवे रोशनी से जगमग रहेगा
साथ ही, ट्रैफिक पोस्ट पर पुलिस के साथ नर्सिंग स्टाफ भी तैनात रहेगा, जिससे इमरजेंसी में तुरंत मदद मिल सके।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
✔ सफर थोड़ा महंगा होगा
✔ कैश खत्म, पूरी तरह डिजिटल पेमेंट
✔ ट्रैफिक जाम कम होने की उम्मीद
✔ ज्यादा सुरक्षित और हाईटेक ड्राइविंग एक्सपीरियंस
निष्कर्ष
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ये बदलाव साफ दिखाते हैं कि अब फोकस सिर्फ तेज़ सफर पर नहीं, बल्कि स्मार्ट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी है। हालांकि टोल बढ़ने से जेब पर असर पड़ेगा, लेकिन बदले में बेहतर सुविधा और समय की बचत मिलेगी।