22 फरवरी से मेरठवासियों और दिल्ली से आने-जाने वालों को एक ही प्लेटफॉर्म पर नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो की सुविधा मिल चुकी है, देश में यह पहला मौका है जब रैपिड रेल और मेट्रो एक ही ट्रैक व इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कम समय के अंतराल में यात्रियों को सेवा दे रही है। दिल्ली से मेरठ तक इंटरसिटी रैपिड रेल 160 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़े रही है जबकि मेरठ मेट्रो 120 किमी/घंटा तक की स्पीड से दौड़ रही है। अंतर यह है कि रैपिड रेल कम स्टेशनों पर रुकती है जबकि मेट्रो सभी स्टेशनों पर यात्रियों को सुविधा दे रही है।
हर 7 मिनट में मिलती है मेरठ मेट्रो, और 10 मिनट में नमो भारत एक ही टिकट से पूरा होता है सफर
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दोनों सेवाओं का संचालन इस तरह तय किया गया है कि इंतजार बेहद कम हो। रैपिड रेल हर 10 मिनट पर उपलब्ध है और मेट्रो लगभग 7 मिनट के अंतराल पर। इस व्यवस्था से दिल्ली से मेरठ साउथ तक का सफर सिर्फ 35 मिनट में पूरा होता है। टिकटिंग सिस्टम भी पूरी तरह से इंटीग्रेटेड रहेगा—एक ही टिकट पर दोनों ट्रेनों में सफर संभव होगा। प्लेटफॉर्म डिज़ाइन इस तरह किया गया है कि यात्रियों को ट्रेन बदलने के लिए सीढ़ी या लिफ्ट का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
संचालन की निगरानी सेंट्रलाइज्ड ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) से की जा रही है। सुरक्षा और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ETCS) लेवल-2, एलटीई आधारित प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (PSD), ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) और ऑटोमैटिक ट्रेन सुपरविजन (ATS) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। निर्माण कार्य पूरे होने के बाद पूरा रूट 82 किलोमीटर लंबा है और यात्री दोनों प्रणालियों के संयोजन से तेज, आरामदायक और निर्बाध यात्रा का अनुभव कर रहे है।