मेरठ के लोगों का लंबे समय से इंतजार अब नाराजगी में बदलता जा रहा है। नमो भारत रैपिड ट्रेन का संचालन अभी भी शताब्दीनगर स्टेशन तक शुरू नहीं हो पाया है। फरवरी 2024 में यहां तक ट्रायल रन शुरू हुआ था, और उम्मीद जताई गई थी कि होली तक ट्रेन सेवा शुरू हो जाएगी। लेकिन अब दीपावली भी बीत गई, और ट्रेन संचालन की औपचारिक शुरुआत अब तक नहीं हुई। वर्तमान में नमो भारत ट्रेन केवल दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ (भूड़बराल) स्टेशन तक ही चल रही है। बाकी रूट के यात्रियों को अभी भी अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
एनसीआरटीसी के दावों पर उठे सवाल
एनसीआरटीसी (NCRTC) का कहना है कि उसने दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक 82 किमी के पूरे रेल ट्रैक पर ट्रायल रन शुरू कर दिया है और अब पूरे रूट पर एक साथ संचालन की योजना बना रही है। लेकिन रेलवे सेफ्टी कमिश्नर (सीआरएस) की निरीक्षण रिपोर्ट में कई तकनीकी कमियां सामने आई हैं। इन्हें दुरुस्त करने की प्रक्रिया जारी है, जिसके चलते दीपावली तक भी मोदीपुरम तक ट्रेन संचालन शुरू नहीं हो पाया।
स्थानीयों की नाराजगी और उम्मीदें
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शताब्दीनगर तक भी ट्रेन चला दी जाती, तो गंगानगर, अजंता कॉलोनी, जागृति विहार, दामोदर कॉलोनी और गढ़ रोड जैसे इलाकों के हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलती। फिलहाल लोगों को मेरठ साउथ स्टेशन तक पहुंचने के लिए पूरे शहर को पार करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि एनसीआरटीसी केवल “पूरे ट्रैक पर एकसाथ संचालन” का सपना दिखा रही है, जबकि छोटे रूट पर भी सेवा शुरू नहीं हो पा रही है।
मेरठ के लोगों की उम्मीदें अब भी नमो भारत रैपिड ट्रेन के पूर्ण संचालन से जुड़ी हुई हैं। जहां एक ओर सरकार और एनसीआरटीसी इसे देश के आधुनिक रेल नेटवर्क का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देरी और अधूरी तैयारियों ने लोगों के बीच भरोसे की कमी पैदा कर दी है।